जग्गी हत्याकांड मामले में फिर होगी हाईकोर्ट में सुनवाई, अमित जोगी ने कहा – ‘सत्य की रक्षा और न्याय की जीत हो’
रायपुर। Jaggi Murder Case: चर्चित जग्गी हत्याकांड मामले में हाईकोर्ट में सुनवाई को लेकर एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। करीब 20 साल पुराने इस मामले में कल सुनवाई हुई, जबकि अगली सुनवाई 1 अप्रैल को निर्धारित की गई है। इस मामले को लेकर जीसीसी (जे) के अध्यक्ष अमित जोगी ने मीडिया के माध्यम से अपने समर्थकों को भावनात्मक संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि, आप सभी ने हमेशा साथ दिया है, इसके लिए वह और उनका परिवार दिल से आभारी हैं।
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अमित जोगी ने बताया कि, यह वही मामला है, जिसमें उन्हें लगभग 20 साल पहले सम्मानपूर्वक बरी किया गया था। अब उसी प्रकरण पर फिर से सुनवाई हो रही है। उन्होंने समर्थकों से अपील करते हुए कहा कि, वे उनके लिए प्रार्थना करें ताकि सत्य की रक्षा हो और न्याय की जीत हो। साथ ही उन्होंने कहा कि, उन्हें अपनी बात रखने का पूरा अवसर मिले, यही उनकी अपेक्षा है। उन्होंने कहा कि समर्थकों का आशीर्वाद ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है। ऐसे में सभी की नजरें 1 अप्रैल को होने वाली सुनवाई पर टिकी है।
बता दें कि,4 जून 2003 को एनसीपी नेता रामावतार जग्गी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में अमित जोगी को छोड़कर बाकी 28 लोगों को सजा मिली थी। लेकिन, 31 मई 2007 को रायपुर की विशेष अदालत ने सबूतों के अभाव में अमित जोगी को बरी कर दिया था। जिसके बाद रामावतार जग्गी बेटे सतीश जग्गी ने अमित जोगी को बरी करने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी और केस सुप्रीम कोर्ट से हाईकोर्ट को भेज दिया गया था।
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Jaggi Murder Case: वहीं रामावतार जग्गी बेटे सतीश जग्गी ने हाईकोर्ट में अपील की थी। जब केस की सीबीआई जांच शुरू हुई तो राजनीतिक पद का फायदा उठाते हुए सबूतों को मिटा दिया गया था। जिसपर कोर्ट ने कहा था की सबूतों से ज्यादा षड्यंत्र का पर्दाफाश होना जरूरी है। सबूतों के अभाव में आरोपियों को दोषमुक्त नहीं किया जा सकता।




