पारंपरिक श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ संपन्न हुआ छठ पर्व
रायपुर। Chhath Puja 2025: देश भर में लोक आस्था का महापर्व छठ पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया गया। बिहार की तरह ही राजधानी रायपुर में भी छठ महापर्व का आयोजन किया गया। जहां अलग-अलग कई घाटों में आस्था और श्रद्धा का संगम देखने को मिला। आज छठ पूजा का अंतिम दिन रहा, जिसमें व्रती महिलाओं ने उगते सूरज को अर्घ्य दिया और सुख-समृद्धि की कामना की। आज के दिन का विशेष महत्व है, क्योंकि इसी दिन सभी व्रती महिलाएं 36 घंटे के निर्जला उपवास के बाद उगते सूर्य को अर्घ्य देकर अपना व्रत पूर्ण करती हैं।


इस मौके पर राजधानी रायपुर के छठघाट सड्डू में भी छठ पूजा का आयोजन किया गया। जहां सुबह 4 बजे महिलाएं उगते सूर्य को अर्घ्य देने पहुंची। जहां आस्था और उत्साह का भव्य नजारा देखने को मिला। इस दौरान करीब 150 से भी ज्यादा परिवार शामिल हुए और पूरी आस्था के साथ पूजा अर्चना की। इस दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रमों की भी प्रस्तुति दी गई। साथ ही करीब 4 हजार लोगों के भंडारे के आयोजन किए गए। सभी लोगों को छठ पर्व का प्रसाद दिया गया।


बता दें कि, कल छठ पर्व के तीसरे दिन बड़ी संख्या में व्रती महिलाएं डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य देने के लिए घाटों पर पहुंची और शाम का अर्घ्य दिया। छठ पर्व की मान्यता है कि डूबते सूर्य को अर्घ्य देने से जीवन की तमाम मुश्किलें आसान होती हैं और परिवार में सुख-समृद्धि का आगमन होता है। यह पूजा न केवल सूर्य देव और छठी मैया को समर्पित है, बल्कि यह मान्यता है कि इसे करने से घर में सुख, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा आती है।


वहीं आज उगते हुए सूर्य को अर्घ्य देने से ना केवल शरीर में ऊर्जा और आत्मबल बढ़ता है,बल्कि मानसिक शांति और आत्मविश्वास भी मिलता है, जो व्यक्ति नियमित रूप से सूर्य देव को अर्घ्य देता है, उसके जीवन में मान-सम्मान, प्रतिष्ठा और नेतृत्व क्षमता में वृद्धि होती है। इसी के साथ चार दिनों के कठिन तप और 36 घंटे का निर्जला उपवास का आज समापन हुआ। अर्घ्य देने के बाद व्रत का पारण किया गया।


Chhath Puja 2025: वहीं इस अवसर पूर्व मंत्री सत्यनारायण शर्मा, स्थानीय विधायक मोतीलाल साहू समेत तमाम लोग मौजूद रहे। इसके साथ ही राजधानी के कई जगह आयोजित छठ पूजा में सीएम साय, मंत्री श्याम बिहारी और रामविचार नेताम शामिल हुए।






