पुनौराधाम में मां जानकी जन्मभूमि मंदिर निर्माण को हरी झंडी, 942 करोड़ की वृहद परियोजना शुरू
अयोध्या के श्रीराम मंदिर की तर्ज पर होगा समग्र विकास, 42 माह में पूरा होगा निर्माण कार्य
पटना : सीतामढ़ी जिले में अवस्थित मां जानकी की जन्मस्थली पुनौराधाम के समग्र विकास और भव्य मंदिर निर्माण की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है. बिहार सरकार के पर्यटन विभाग ने मां जानकी जन्मभूमि पुनौराधाम मंदिर निर्माण के लिए कार्यादेश जारी कर दिया है. बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम द्वारा निविदा प्रक्रिया पूरी होने के बाद चयनित एजेंसी अहलूवालिया कॉन्ट्रैक्ट्स को सोमवार को कार्यादेश निर्गत किया गया.
पुनौराधाम की महत्ता पौराणिक और ऐतिहासिक दोनों दृष्टियों से अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है. रामायण के अनुसार यह स्थल भगवान श्रीराम की धर्मपत्नी और मिथिला के राजा जनक की पुत्री माता सीता की जन्मभूमि है. इसी कारण यह स्थान सनातन धर्मावलंबियों के लिए एक परम पवित्र तीर्थ के रूप में प्रतिष्ठित है. अयोध्या में भगवान श्रीराम के नवनिर्मित भव्य मंदिर के बाद अब बिहार सरकार ने पुनौराधाम को भी उसी अनुरूप विकसित करने की वृहद योजना तैयार की है.
पर्यटन विभाग के अनुसार, इस परियोजना के अंतर्गत मां जानकी जन्मभूमि मंदिर परिसर का उन्नयन, पर्यटकीय सुविधाओं का विकास और नए भवनों का निर्माण किया जाएगा. परियोजना के क्रियान्वयन के बाद 10 वर्षों तक इसके संचालन और प्रबंधन की जिम्मेदारी भी संबंधित एजेंसी के पास रहेगी. इस पूरी योजना पर कुल 942.383 करोड़ रुपये का व्यय प्रस्तावित है. निर्माण कार्य को पूरा करने के लिए 42 माह की समय-सीमा निर्धारित की गई है.

वृहद परियोजना के तहत मुख्य मंदिर के चारों ओर भव्य परिक्रमा पथ और परकोटा का निर्माण किया जाएगा. साथ ही धार्मिक अनुष्ठानों के लिए विशेष अनुष्ठान मंडप बनाया जाएगा. माता जानकी कुंड का सौंदर्यीकरण भी इस योजना का अहम हिस्सा है, ताकि श्रद्धालुओं को एक सुव्यवस्थित और आध्यात्मिक वातावरण मिल सके.
पर्यटकों और तीर्थयात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए परिसर में आवासन सुविधा विकसित की जाएगी. इसके अलावा पुनौराधाम के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व को दर्शाने के लिए एक संग्रहालय (म्यूजियम) और सांस्कृतिक गतिविधियों के आयोजन हेतु ऑडिटोरियम का निर्माण भी प्रस्तावित है. सरकार का मानना है कि इन सुविधाओं के विकसित होने से देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि होगी.
परियोजना के लिए भूमि व्यवस्था को भी प्राथमिकता दी गई है. सरकार ने 50 एकड़ भूमि अधिग्रहण के लिए 165.57 करोड़ रुपये की राशि की स्वीकृति दी है. फिलहाल पुनौराधाम मंदिर परिसर में 17 एकड़ भूमि पहले से उपलब्ध है. इसी परिसर में बनने वाले मुख्य मंदिर की ऊंचाई 151 फीट होगी, जो इसे एक भव्य और दिव्य स्वरूप प्रदान करेगी.
पर्यटन विभाग का मानना है कि पुनौराधाम के समग्र विकास से न केवल धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि सीतामढ़ी और आसपास के क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे. यह परियोजना बिहार को धार्मिक पर्यटन के मानचित्र पर एक नई पहचान दिलाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी.




