
कोविड-19 एक बार फिर दुनिया को अपनी गिरफ्त में लेता दिख रहा है। इस बार इसके पीछे है नया वैरिएंट NB.1.81, जो अमेरिका और भारत सहित कई देशों में तेजी से फैल रहा है। अमेरिकी एक्सपर्ट्स और रिपोर्ट्स के अनुसार, यह वैरिएंट न केवल अत्यधिक संक्रामक है, बल्कि बेहद जानलेवा भी बताया जा रहा है।
चीन पर साजिश का आरोप
अमेरिकी विशेषज्ञों का दावा है कि NB.1.81 वैरिएंट की शुरुआत चीन से हुई है। आरोप है कि चीन ने इस वैरिएंट की जानकारी समय पर साझा नहीं की और संक्रमित नागरिकों को अन्य देशों में यात्रा करने से नहीं रोका। ठीक वैसे ही जैसे 2019 में हुआ था, जब पहली बार कोविड-19 पूरी दुनिया में फैला। इस बार भी चीन पर एक नई महामारी फैलाने का आरोप लग रहा है।
भारत सहित कई देशों में बढ़े मामले
भारत, अमेरिका, जापान, सिंगापुर, फ्रांस, स्पेन और ताइवान जैसे देश इस नए वैरिएंट की चपेट में आ चुके हैं। भारत में इस वैरिएंट से अब तक 1000 से ज्यादा लोग संक्रमित हो चुके हैं। हर बीतते दिन के साथ संक्रमितों की संख्या तेजी से बढ़ रही है।
भारत में स्थिति और राज्यवार अपडेट:
कर्नाटक:
राज्य में बुधवार को 40 नए केस दर्ज किए गए। सक्रिय मामलों की संख्या अब 126 हो गई है। स्वास्थ्य मंत्री दिनेश गुंडू राव ने बताया कि उन्होंने ऑक्सीजन, ICU बेड और अन्य जरूरी उपकरणों की स्थिति का स्वयं निरीक्षण किया है।
पश्चिम बंगाल:
यहां 5 नए केस सामने आए हैं। कुल सक्रिय मरीजों की संख्या 16 है। अधिकांश मरीजों में हल्के लक्षण हैं।
उत्तर प्रदेश (वाराणसी):
काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) की लैब के दो कर्मचारी कोविड पॉजिटिव पाए गए हैं। दोनों ने हाल ही में अन्य राज्यों की यात्रा की थी।
दिल्ली:
राजधानी में मामलों की बढ़ती संख्या को देखते हुए सरकार अलर्ट पर है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने LNJP अस्पताल का दौरा करने की योजना बनाई है। इससे पहले स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक भी की गई।
पंजाब:
राज्य में कोरोना से पहली मौत दर्ज की गई है। लुधियाना के रहने वाले 40 वर्षीय व्यक्ति की चंडीगढ़ में इलाज के दौरान मौत हुई। मृतक मूल रूप से उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद का था।
कोरोना के नए वैरिएंट NB.1.81 ने एक बार फिर दुनिया को सतर्क कर दिया है। विशेषज्ञों और सरकारों के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती है – इस वैरिएंट को समय रहते नियंत्रित करना और एक और वैश्विक महामारी की आशंका से बचना।




