
बेंच ने सरकार और NTA से यह भी कहा कि कल्पना कीजिए कि सिस्टम के साथ धोखाधड़ी करने वाला व्यक्ति डॉक्टर बन जाता है, वह समाज के लिए और भी ज्यादा खतरनाक है।
घोटाले से जुड़ी याचिकाओं को 8 जुलाई को सुनवाई के लिए लिस्ट कर दिया गया है। वकीलों से भी उसी दिन सभी मामलों पर बहस करने के निर्देश दिए हैं।
इससे पहले 11 जून को तीन याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने NTA को नोटिस जारी किया था और काउंसलिंग प्रक्रिया रोकने से इनकार कर दिया था।
13 जून को सुप्रीम कोर्ट में केंद्र सरकार ने कहा था कि ग्रेस मार्क्स पाने वाले 1563 कैंडिडेट के स्कोरकार्ड निरस्त होंगे। और बिना ग्रेस मार्क्स के स्कोर कार्ड जारी किए जाएंगे।
4 जून को नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने NEET का रिजल्ट घोषित किया था। पहली बार ऐसा हुआ है जब 67 कैंडिडेट को 720 में से 720 नंबर मिले हैं।
क्या है NEET UG
NEET UG यानी नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेस टेस्ट, अंडरग्रेजुएट एक राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षा है। NEET परीक्षा मेडिकल और डेंटल कोर्सेज में एडमिशन के लिए आयोजित की जाती है जो स्टूडेंट्स की गिनती के लिहाज से देश की सबसे बड़ी परीक्षा है।
इसके जरिए भारत और रूस, यूक्रेन समेत कुछ अन्य देशों में MBBS, BDS और अन्य मेडिकल कोर्सेज में एडमिशन मिलता है। NEET UG को नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी NTA द्वारा आयोजित किया जाता है।
रिजल्ट के बाद विवाद क्यों हुआ
NEET की इन्फॉर्मेशन बुलेटिन में ग्रेस मार्किंग का जिक्र नहीं है। NTA ने भी रिजल्ट जारी करते वक्त इसकी जानकारी नहीं दी थी। रिजल्ट आने के बाद कैंडिडेट्स ने सवाल उठाए, तब NTA ने बताया कि ‘लॉस ऑफ टाइम’ की वजह से कुछ बच्चों को ग्रेस मार्क दिए गए हैं। ग्रेस मार्क किस फॉर्मूले के तहत दिए गए, इस बारे में NTA ने कुछ नहीं बताया।
1563 कैंडिडेट्स की 23 जून को दोबारा परीक्षा हालांकि विवाद कोर्ट तक पहुंचने के बाद NTA ने 13 जून को सुप्रीम कोर्ट में बताया था कि ग्रेस मार्क्स पाने वाले 1563 कैंडिडेट के स्कोरकार्ड निरस्त होंगे। 23 जून को दोबारा एग्जाम कराया जाएगा। 30 जून को रिजल्ट आएगा। जो स्टूडेंट एग्जाम न देना चाहें, उसके मार्क्स से ग्रेस मार्क्स माइनस करने के बाद फाइनल स्कोर कार्ड जारी किया जाएगा। पूरी खबर पढ़ें
सरकार ने कहा था- पेपर लीक के कोई सबूत नहीं
केंद्रीय शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने 13 जून को पेपर लीक के आरोपों को खारिज करते हुए कहा था कि इसका कोई सबूत नहीं है। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ‘NTA पर भ्रष्टाचार के आरोप निराधार हैं। यह एक बहुत ही विश्वसनीय संस्था है। सुप्रीम कोर्ट इस मामले की सुनवाई कर रहा है और हम उसके निर्णय का पालन करेंगे। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि किसी भी छात्र को नुकसान न हो।’
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