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पखांजुर में लोगों ने सीखे औषधीय पौधों के संर्वधन संरक्षण के गुर

जैव विविधता बोर्ड रायपुर के अधिकारियों ने लोगों को दिया प्रशिक्षण

पखांजुर से बिप्लब कुण्डू की रिपोर्ट-

पखांजुर। छोटे कापसी में राज्य जैव विविधता (Biodiversity) बोर्ड रायपुर की ओर से एक कार्यशाला (Workshop) हुई। इसमें स्थानीय लोगों को औषधीय पौधों (Medicinal Plants) के संवर्धन व संरक्षण (Conservation)  का प्रशिक्षण दिया गया। समिति को के निर्माण और उनको सुदृढ बनाने की जानकारी भी दी गई।

रैली निकाल कर लोगों को किया जागरूक

इस मौके पर वन विभाग ने रैली निकालकर पारिस्थितिक सन्‍तुलन के लिए सभी प्रकार के जीवों की सुरक्षा तथा उनके संरक्षण का ध्‍यान रखने के लिए लोगों को प्रेरणा दी गयी । वन मण्डल पश्चिम भानुप्रतापुर के अंतर्गत वन परिक्षेत्र कापसी (सामान्य ), वन परिक्षेत्र पूर्व परलकोट बांदे ,एवम वन परिक्षेत्र पश्चिम बांदे के अधीन वन अधिकारियों व कर्मचारियों को प्रोजेक्टर के माध्यम से वनों के संरक्षण की दिशा में आवश्यक निर्देशों का पालन करने की जानकारी दी गयी।

औषधीय आवश्यकताओं की पूर्ति करती है जैव विविधता

इस मौके पर जिला वनाधिकारी (forest Officer)  कांकेर आरसी मेश्राम ने कार्यक्रम उपस्थितजनों को बताया कि मनुष्य के जीवन में जैव विविधता का महत्त्वपूर्ण स्थान है। जैव-विविधता के बगैर संसार पर मानव जीवन असंभव सा है। वहीं वन परिक्षेत्र अधिकारी कापसी दिनेश तिवारी ने कहा कि वनस्पतिक जैव-विविधता औषधीय आवश्यकताओं की पूर्ति करती है। जैव-विविधता में संपन्न वन पारितंत्र कार्बन डाइऑक्साइड के प्रमुख अवशोषक होते हैं। वन परिक्षेत्र अधिकारी बांदे आरसी यादव ने कार्यक्रम में बतलाया कि जैव-विविधता मृदा संरचना को सुधारती है, जल-धारण क्षमता एवं पोषक तत्वों की मात्रा को बढ़ाती है। जैव-विविधता जल संरक्षण में भी सहायक होती है ।

कार्यक्रम में ये लोग रहे मौजूद

इस मौके पर डिप्टी रेंजर देवदत्त ताराम , भरत सलाम , अरविंद वाल्डे, कुंजबिहारी पोया , आर वैष्णव ,गोदावरी पोया डीएस मरकाम ,सीएल साहू ,घनघोर साहु ,बुधमन भंडारी,चेतन कोडोपी रूपेश मरकाम टीआर सिन्हा ,ईश्वर पटेल,प्रभा ताराम ,प्रीति दुग्गा,सुनीता नरेटी,कविता नरेटी जीआर जुर्री बीएल गावड़े और रोशन कुमार समेत कई वन कर्मी मौजूद थे ।

 

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