ईद को लेकर प्रशासन सख्त, अब सड़क पर नमाज पढ़ने पर होगी कार्रवाई, FIR के साथ पासपोर्ट भी होंगे रद्द
मेरठ। No Namaz On Roads: उत्तरप्रदेश के मेरठ से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। जहां आगामी इस्लामिक त्योहार ईद को लेकर एक आदेश जारी किया गया है। जिसमें कहा गया कि, ईद की नमाज सार्वजनिक सड़क पर अदा नहीं की जाएगी। इस संबंध में मेरठ पुलिस प्रशासन ने दगाह कमेटी और मुस्लिम धर्मगुरुओं के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। ईद के मौके पर सड़क पर नमाज पढ़ने पर प्रतिबंध लगा दिया है। जिसमें कहा गया कि, ईद के दिन सड़क पर नमाज पढ़ने वालों पर न सिर्फ मुकदमे दर्ज किए जाएंगे, बल्कि उनके पासपोर्ट भी जब्त कर लिए जाएंगे।
बता दें कि, ईद के दिन सामान्य नमाज से ज्यादा भीड़ होती है, जिससे मस्जिद में नमाज अदा करने की जगह नहीं रहती है। इसीलिए नमाजियों को मजबूरन मस्जिद से बाहर सड़क पर नमाज अदा करनी पड़ती है। लेकिन अब पुलिस ने चेतावनी दी कि बार-बार ऐसा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई के तहत उनके पासपोर्ट रद्द या ज़ब्त किए जा सकते हैं।
हालांकि कानूनी जानकारों का कहना है कि ऐसा कोई खास कानून नहीं है जो सिर्फ सार्वजनिक जगह पर प्रार्थना करने के लिए अपने-आप पासपोर्ट रद्द कर दें, लेकिन पुलिस की जांच से दूसरे नतीजे ज़रूर निकल सकते हैं। मस्जिदों और ईदगाहों के पास गश्त और निगरानी जैसे कानून-व्यवस्था के उपायों को बढ़ा दिया गया है।
No Namaz On Roads: यह आदेश ईद के त्योहार से पहले जारी किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि, इसका मकसद सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखना और भीड़भाड़ वाली सार्वजनिक जगहों पर जाम या विवादों से बचना है। फिलहाल, शहर की 544 मस्जिदों और 140 ईदगाहों की सुरक्षा के लिए पीएसी और पैरामिलिट्री फोर्स तैनात की गई है। ड्रोन कैमरों और 112 की गाड़ियों के जरिए चप्पे-चप्पे पर नजर रखी जा रही है। पुलिस प्रशासन का साफ उद्देश्य है कि, शांतिपूर्ण तरीके से त्योहार संपन्न कराना और किसी भी बाधा को जीरो टॉलरेंस के साथ निपटाना है।




