
रायपुर : छत्तीसगढ़ में राजनीतिक हलचल एक बार फिर तेज हो गई है। राज्य सरकार के खिलाफ कांग्रेस पार्टी अब जमीनी आंदोलन की तैयारी में है। इसको लेकर रायपुर स्थित राजीव भवन में छत्तीसगढ़ कांग्रेस की पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी (PAC) की अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट ने की, जिसमें प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरण दास महंत सहित कई वरिष्ठ नेता, पूर्व मंत्री, पूर्व विधायक और संगठन पदाधिकारी शामिल हुए।
आंदोलन की रूपरेखा तय, सरकार को घेरने की तैयारी
बैठक में राज्य में खाद संकट, किसानों की समस्याएं, भ्रष्टाचार, और ईडी की कार्रवाइयों जैसे प्रमुख मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। खासतौर पर सुकमा में कांग्रेस भवन की ईडी द्वारा कुर्की की घटना पर कांग्रेस नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी और इसे लोकतंत्र व विपक्ष की आवाज दबाने का प्रयास बताया।
किसानों के मुद्दे बनेंगे आंदोलन का आधार
बैठक में किसानों की समस्याओं को लेकर विशेष चिंता जताई गई। खाद-बीज की किल्लत, फसल बीमा योजना में गड़बड़ी, और समर्थन मूल्य पर खरीदी में देरी जैसे मसलों पर ब्लॉक व जिला स्तर पर आंदोलन छेड़ने की रणनीति बनाई गई है। कांग्रेस कार्यकर्ता जन-जागरण अभियान के तहत धरना, रैली और प्रदर्शन करेंगे और सरकार की विफलताओं को उजागर करेंगे।
भ्रष्टाचार के खिलाफ भी सख्त रुख
बैठक में यह भी तय किया गया कि घोटालों और कमीशनखोरी जैसे भ्रष्टाचार के मुद्दों पर सरकार को कठघरे में खड़ा किया जाएगा। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि सरकार जनहित की योजनाओं में पारदर्शिता लाने में विफल रही है और इसका पूरा सच जनता के सामने लाया जाएगा।
ईडी की कार्रवाई पर कांग्रेस का विरोध
सुकमा में कांग्रेस भवन की कुर्की को लेकर कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार और ईडी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि ईडी जैसी एजेंसियों का राजनीतिक दुरुपयोग कर विपक्ष की आवाज को दबाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई राजनीतिक प्रतिशोध का हिस्सा है।
नेताओं के बयान
- सचिन पायलट ने कहा, “राज्य सरकार लोकतांत्रिक मर्यादाओं का उल्लंघन कर रही है, कांग्रेस जनता की आवाज बनेगी।”
- भूपेश बघेल बोले, “केंद्र और राज्य सरकार किसानों और युवाओं से धोखा कर रही है, कांग्रेस अब गांव-गांव जाकर इसका जवाब देगी।”
- दीपक बैज ने कहा, “पार्टी पूरी ताकत से लड़ाई लड़ेगी, जल्द ही राज्यव्यापी आंदोलन की घोषणा की जाएगी।”
कुल मिलाकर, कांग्रेस अब सड़कों पर उतरकर छत्तीसगढ़ सरकार को घेरने की पूरी तैयारी में है।




