कांकेर के बाद अब धमतरी में बवाल, धर्मांतरित महिला के शव दफनाने को लेकर विवाद, गांव में पुलिस बल तैनात
धमतरी। Dhamtari Conversion: छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण का मुद्दा गरमाया हुआ है। जहां बीते दिनों कांकेर जिले में एक धर्मातंरित व्यक्ति का शव दफनाने को लेकर आदिवासी समाज और ईसाई समुदाय के लोगों के बीच हिंसक झड़प हुई थी। जिसके विरोध में बीते 24 दिसंबर 2025 को सर्व समाज द्वारा बंद का ऐलान किया गया था। वहीं इस बीच ऐसा ही एक मामला धमतरी जिले से सामने आया है। यहां एक महिला के शव को दफनाने को लेकर विवाद हो गया है। विवाद के बाद गांव में तनाव का माहौल है। तनाव को देखते हुए पुलिस बल गांव में तैनात किया गया है।
मिली जानकारी के अनुसार, धमतरी जिले में बोराई गांव में एक पुनिया बाई साहू महिला की मौत 24 दिसंबर को मौत हो गई थी। जिसने कुछ समय पहले ही ईसाई धर्म अपनाया था। अचानक मृत्यु के बाद परिजन शव को दफनाने की तैयारी कर रहे थे, जिसका ग्रामीणों और हिंदू संगठनों ने विरोध किया। देखते ही देखते माहौल तनावपूर्ण हो गया। ग्रामीणों ने कहा कि महिला का अंतिम संस्कार यहां नहीं होगा जिसके बाद पूरे गांव में तनाव की स्थिति बन गई।
महिला के शव को लेकर परिजन नगरी पहुंचे। यहां उन्होंने शव दफनाने की कोशिश की, लेकिन ग्रामीणों ने यहां भी आपत्ती जताते हुए कहा कि, ईसाई समाज के लोगों के अंतिम संस्कार के लिए कोई जमीन आबंटित नहीं है। जिसके बाद जमकर विरोध हुआ। वहीं कांकेर के मुद्दे को ध्यान में रखते हुए इस विवाद को रोकने पुलिस के साथ प्रशासनिक अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे और देर रात तक दोनों पक्षों से बातचीत कर स्थिति को नियंत्रित किया गया।
Dhamtari Conversion: वहीं पुलिस की समझाइश और लंबे विचार-विमर्श के बाद मृतका के परिजनों ने अंतिम संस्कार हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार करने पर सहमति जताई। पुलिस अधिकारियों ने गांव वालों को समझाइश दी, जिसके बाद ग्रामीण मान गए। वहीं, मृतक के परिजनों ने ईसाई धर्म छोड़ने सहमति पत्र भी दिया और फिर 36 घंटे बाद महिला महिला का अंतिम संस्कार हिंदू रीति-रिवाज से किया गया।




