मां चामुंडा मंदिर पहुंचे उपराष्ट्रपति, की विशेष पूजा-अर्चना
कटरा प्रखंड स्थित प्रसिद्ध शक्तिपीठ मा चामुंडा मंदिर में रविवार को धार्मिक माहौल चरम पर रहा। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन यहां पहुंचे और गर्भगृह में विशेष पूजा-अर्चना की। उनके स्वागत के लिए उप मुख्यमंत्री, केन्द्रीय मंत्री और कई सांसद मौजूद थे।

मुजफ्फरपुर : रविवार दोपहर करीब 1.30 बजे उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन हेलिकाप्टर से कटरा पहुंचे। उनके आगमन को लेकर जिला प्रशासन ने सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए थे। मंदिर तक पहुंचने वाले तीन किलोमीटर लंबे रास्ते पर बैरिकेडिंग लगाई गई थी। सडक किनारे हजारों लोग कतारबद्ध खडे होकर उनकी एक झलक पाने के लिए उत्साहित दिखे।
हेलीपैड पर जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन ने पुष्प गुच्छ देकर उनका स्वागत किया। वहीं उप मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा, केन्द्रीय मंत्री राजभूषण निषाद, सांसद वीणा देवी समेत कई गणमान्य नेता उपस्थित थे।
मंदिर में 20 मिनट की पूजा
उपराष्ट्रपति सीधे मा चामुंडा मंदिर पहुंचे और गर्भगृह में प्रवेश किया। प्रधान पुजारी पंडित वंशीधर ने करीब 20 मिनट तक उन्हें विधिवत पूजा कराई। इस दौरान उन्होंने माता को मिष्ठान अर्पित किया और मंदिर न्यास बोर्ड की ओर से मुकुट पहनाकर उनका सम्मान किया गया।
इतिहास और परंपराओं से जुडे
पूजन-अर्चना के बाद उपराष्ट्रपति ने मंदिर न्यास बोर्ड के अध्यक्ष रघुनाथ चौधरी और सचिव सुरेश साह से मुलाकात की। उन्होंने मंदिर के प्राचीन इतिहास की जानकारी ली। सचिव ने बताया कि 2010 में भी वे यहां माता के दर्शन करने आ चुके थे।
पूर्व प्राचार्य नारायण मंडल ने उन्हें बताया कि यही वह स्थान है जहां मा चामुंडा ने चंड और मुंड नामक असुरों का संहार किया था। पास ही स्थित धनेश्वर नाथ महादेव मंदिर का भी उन्होंने उल्लेख किया।
बलि प्रथा पर विराम
मंदिर के इतिहास से जुडी विशेष बात यह रही कि यहां पहले बकरे की बलि दी जाती थी। लेकिन वर्ष 1973 में नागा साधुओं ने इस प्रथा को समाप्त करवा दिया। इसके बाद से यहां केवल मिष्ठान चढाने की परंपरा है।
कटरा गढ का ऐतिहासिक महत्व भी खास है। यह स्थान कभी कुशध्वज (महाराजा जनक के भाई) की राजधानी रहा था। 1976 में हुई खुदाई में यहां गुप्त साम्राज्य के शासक रामगुप्त के समय का ताम्रपत्र भी मिला था।
करीब 2.15 बजे उपराष्ट्रपति मंदिर से वापस लौट गए।




