Iran Jung जारी रहा तो परिणाम हो सकता हैं भयंकर, देश के लिए कठिन परीक्षा की घडी
नई दिल्ली। Iran Jung : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यसभा में अपने 21 मिनट के संबोधन में पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति को लेकर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच जारी तनाव या युद्ध लंबा खिंचता है, तो इसके दूरगामी और गंभीर दुष्परिणाम पूरी दुनिया को झेलने पड़ सकते हैं।
प्रधानमंत्री ने आगाह किया कि आने वाला समय भारत के लिए एक बड़ी परीक्षा साबित हो सकता है। ऐसे में केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर तालमेल की आवश्यकता है। उन्होंने “टीम इंडिया” की भावना के साथ मिलकर काम करने पर जोर दिया, ताकि देश किसी भी वैश्विक संकट का मजबूती से सामना कर सके।
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Iran Jung : उन्होंने खास तौर पर होर्मुज स्ट्रेट का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां भारतीय जहाज और क्रू फंसे हुए हैं, जो बेहद चिंताजनक स्थिति है। यह समुद्री मार्ग भारत सहित कई देशों के लिए ऊर्जा और व्यापार की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। मौजूदा तनाव के कारण भारत के व्यापारिक रास्ते प्रभावित हो रहे हैं, जिससे गैस, तेल और उर्वरक जैसी आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति पर दबाव बढ़ रहा है।
प्रधानमंत्री ने यह भी याद दिलाया कि एक दिन पहले लोकसभा में दिए गए अपने संबोधन में उन्होंने पहले ही चेतावनी दी थी कि इस युद्ध के कारण वैश्विक हालात लंबे समय तक कठिन बने रह सकते हैं। उन्होंने कोविड-19 के दौरान देश द्वारा दिखाई गई एकजुटता का उदाहरण देते हुए कहा कि भारत पहले भी बड़े संकटों का सामना सामूहिक प्रयास से कर चुका है और इस बार भी वही रणनीति अपनानी होगी।
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Iran Jung : कुल मिलाकर, प्रधानमंत्री का संदेश साफ था—वैश्विक अस्थिरता के इस दौर में सतर्कता, तैयारी और राष्ट्रीय एकजुटता ही भारत की सबसे बड़ी ताकत होगी।




