बिहार चुनाव से पहले लालू परिवार में खुली दरार, तेज प्रताप यादव ने बनाई नई पार्टी ‘जनशक्ति जनता दल’
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले लालू प्रसाद यादव के परिवार में चल रहा विवाद खुलकर सामने आ गया है। लालू के बड़े बेटे और पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव ने अपनी नई राजनीतिक पार्टी 'जनशक्ति जनता दल' का गठन किया है। इस पार्टी का चुनाव चिह्न 'ब्लैक बोर्ड' होगा। तेज प्रताप ने अपने आधिकारिक X (ट्विटर) अकाउंट से पार्टी के पोस्टर भी साझा किए हैं।

पटना: बिहार की सियासत में हमेशा से चर्चा में रहने वाला लालू प्रसाद यादव का परिवार एक बार फिर सुर्खियों में है। इस बार कारण है परिवार के अंदर की कलह, जो अब एक नई राजनीतिक पार्टी के रूप में सामने आ गई है। आरजेडी सुप्रीमो लालू यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव ने अपनी नई पार्टी ‘जनशक्ति जनता दल’ का ऐलान कर दिया है। यह कदम बिहार विधानसभा चुनाव से ठीक पहले उठाया गया है, जिसे आरजेडी के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है।
तेज प्रताप यादव ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट ‘X’ पर पार्टी के पोस्टर के साथ यह जानकारी दी। उन्होंने लिखा, “हमलोग बिहार के संपूर्ण विकास के लिए पूर्ण रूप से समर्पित और तत्पर हैं। हमारा मकसद बिहार में संपूर्ण बदलाव कर एक नई व्यवस्था का नव निर्माण करना है। हमलोग बिहार के संपूर्ण विकास के लिए लंबी लड़ाई लड़ने को तैयार हैं।”

‘ब्लैक बोर्ड’ बना चुनाव चिह्न
नई पार्टी का नाम ‘जनशक्ति जनता दल’ रखा गया है, और इसका चुनाव चिह्न ‘ब्लैक बोर्ड’ होगा। तेज प्रताप ने इस चुनाव चिह्न के साथ अपना पोस्टर भी शेयर किया है, जिसमें उन्होंने खुद को बिहार के भविष्य के तौर पर पेश किया है।

तेज प्रताप यादव की यह नाराजगी कोई नई बात नहीं है। इस साल की शुरुआत में लालू प्रसाद ने उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया था, जिसके बाद से ही वे नाराज चल रहे थे। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम तेजस्वी यादव के नेतृत्व को खुली चुनौती है और इससे लालू परिवार में फूट खुलकर सामने आ गई है।
रोहिणी आचार्य के रहस्यमय ट्वीट
तेज प्रताप की इस घोषणा से पहले, उनकी बहन रोहिणी आचार्य के ट्वीट ने भी परिवार में चल रही कलह की अटकलों को हवा दी थी। सिंगापुर में रहने वाली रोहिणी, जिन्होंने पिछले साल सारण लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा था, ने अपने ‘X’ अकाउंट पर कई रहस्यमय पोस्ट किए।
उन्होंने लिखा, “मैंने बेटी और बहन के रूप में अपना कर्तव्य निभाया है और आगे भी निभाती रहूंगी। न तो मैं किसी पद की लालसा रखती हूं और न ही मेरी कोई राजनीतिक महत्वाकांक्षा है। मेरे लिए आत्मसम्मान सर्वोपरि है।” एक अन्य पोस्ट में, उन्होंने लिखा, “जो जान हथेली पर रखते हुए बड़ी से बड़ी कुर्बानी देने का जज्बा रखते हैं, बेखौफी-बेबाकी-खुद्दारी तो उनके लहू में बहती है।” इन पोस्ट को तेजस्वी यादव के खिलाफ परोक्ष टिप्पणी के तौर पर देखा जा रहा है।
आरजेडी के लिए नई चुनौती
तेज प्रताप के इस कदम से 2025 के विधानसभा चुनाव से पहले आरजेडी की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। पार्टी में पहले से ही नेतृत्व को लेकर आंतरिक कलह की खबरें आती रही हैं। अब जब तेज प्रताप अपनी अलग पार्टी के साथ मैदान में आ गए हैं, तो यह आरजेडी के वोट बैंक में सेंध लगा सकता है और विपक्ष को परिवारवाद पर निशाना साधने का मौका देगा।



