छत्तीसगढ़ में रेत की कीमतों में भारी उछाल, निर्माण कार्य हुए महंगे, आम लोगों की जेब पर पड़ेगा असर
रायपुर : प्रदेशभर में रेत की कीमतों में बीते एक महीने में जबरदस्त बढ़ोत्तरी देखी गई है। 15 जून से पहले 11 से 13 रुपए प्रति फुट मिलने वाली रेत अब 18 से 20 रुपए प्रति फुट तक पहुंच गई है। जानकारों के मुताबिक, आने वाले दिनों में यह कीमत 40 रुपए प्रति फुट तक जा सकती है।
एक हाईवा में लगभग 800 फुट रेत आती है, जिससे निर्माण लागत पर बड़ा असर पड़ रहा है। लाल ईंट में भी 20-30 पैसे प्रति ईंट की बढ़त और गिट्टी की कीमतों में इजाफा दर्ज किया गया है। इससे आम उपभोक्ताओं की जेब पर सीधा असर पड़ा है, खासकर ऐसे समय में जब मानसून के कारण घरों के प्लास्टर, टाइल्स और इंटीरियर जैसे कार्य होते हैं।
रेत घाट बंद, अवैध भंडारण से चल रही सप्लाई
खनिज विभाग ने 15 जून को प्रदेश के रेत घाटों को बंद कर दिया था और उत्खनन व परिवहन पर प्रतिबंध लगा दिया गया। इसके पहले ही राज्यभर में बड़े पैमाने पर रेत का भंडारण किया गया, जिसमें अवैध भंडारण की भी शिकायतें हैं।
बलौदाबाजार, महासमुंद और धमतरी जिलों में अवैध रेत उत्खनन और भंडारण की शिकायतें सबसे ज्यादा हैं। रायपुर जिले के आरंग विकासखंड में भी अवैध भंडारण की जब्ती की कार्रवाई के बावजूद रेत की बिक्री जारी रही।
रेत की कीमतें और बढ़ने की आशंका
रेत की कीमतों में उछाल से निर्माण कार्य की लागत बढ़ गई है, जिससे आम लोगों पर बोझ पड़ा है। जानकारों का मानना है कि 15 अक्टूबर तक रेत घाटों पर प्रतिबंध के चलते कीमतों में और इजाफा होगा।
विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि नई सरकार ने अब तक खनिज नीति में कोई बदलाव नहीं किया और पूर्ववर्ती सरकार की नीलामी नीति को ही लागू रखा है, जो मौजूदा संकट का एक बड़ा कारण है।




