ट्रेन में टाइम बम है…’ ; कानपुर में आम्रपाली एक्सप्रेस में बम की झूठी अफवाह से मचा हड़कंप
दिल्ली जाने वाली आम्रपाली एक्सप्रेस में बम की झूठी सूचना से कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन पर अफरा-तफरी मच गई। विवादित सीटों को लेकर नाराजगी में दो सगे भाइयों ने सुरक्षा एजेंसियों को झूठी सूचना दी। रेलवे प्रशासन ने जांच के बाद दोनों को गिरफ्तार कर लिया है।

कानपुर। गुरुवार को देर रात पंजाब के अमृतसर से कटिहार जा रही आम्रपाली एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 15708) में बम लगाने की झूठी सूचना मिलने के बाद कानपुर रेलवे स्टेशन पर भारी सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई। रेलवे कंट्रोल रूम को कॉल कर ट्रेन के जनरल बोगी में काले कपड़ों में 12 आतंकियों के घुसने और बम प्लांट करने की सूचना दी गई।
सूचना मिलने पर जीआरपी, आरपीएफ, बम निरोधक दस्ता, फायर ब्रिगेड तथा अन्य सुरक्षा एजेंसियां तत्काल मौके पर पहुंचीं और ट्रेन के तीन कोचों की लगभग 40 मिनट तक सघन तलाशी ली। तलाशी में किसी विस्फोटक या संदिग्ध वस्तु का पता नहीं चल सका।
जांच में यह सामने आया कि झूठी सूचना फैलाने वाले दो सगे भाई—दीपक चौहान (25) व अंकित चौहान (22), अमृतसर से कटिहार जा रही आम्रपाली एक्सप्रेस में कूपे की सीट नहीं मिलने से नाराज़ थे। उस विवाद से नाराज़ होकर उन्होंने ट्रेन में बम होने की झूठी कॉल की तो ताकि अपने विरोधी यात्रियों को फंसाया जा सके।
उनके इस झूठे कॉल के चलते रेलवे प्रशासन और यात्रियों में खलबली मच गई, ट्रेन का संचालन भी प्रभावित हुआ। दोनों भाइयों को जीआरपी ने गिरफ्तार कर लिया है। फरियादियों के खिलाफ रेलवे सुरक्षा कानून के तहत मामला दर्ज कर गहन जांच शुरू कर दी गई है।
सुरक्षा एजेंसियों ने यात्रियों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और आपातकालीन स्थिति में रेलवे के संबंधित अधिकारियों से संपर्क करें। रेलवे प्रशासन भी भविष्य में इस प्रकार के खतरनाक झूठे कॉल रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा करेगा।
यह घटना रेलवे सुरक्षा व्यवस्था और यात्रियों की सतर्कता निर्धारित करती है कि झूठी सूचना से कितनी गंभीर समस्याएँ उत्पन्न हो सकती हैं, इसलिए सभी को समझदारी से काम लेने की जरूरत है।




