मणिपुर में PM मोदी का पहला दौरा: दो साल बाद हिंसाग्रस्त राज्य में शांति और विकास की उम्मीदें
8,500 करोड़ की परियोजनाओं का करेंगे अनावरण, कुकी-मेइती दोनों समुदायों के बीच विश्वास बहाली का संदेश

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को मणिपुर का दौरा करेंगे, जो पिछले दो सालों में राज्य में भड़की जातीय हिंसा के बाद उनकी पहली यात्रा होगी। इस दौरे को मणिपुर के लिए न केवल विकास की सौगातों के लिहाज से, बल्कि राज्य में सांप्रदायिक विश्वास और शांति बहाली की कोशिशों के संदर्भ में भी बेहद अहम माना जा रहा है।
विकास और शांति का एजेंडा
पीएम मोदी इस दौरे पर कुल 8,500 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं की घोषणा करेंगे। ये परियोजनाएं दोनों प्रमुख समुदायों को ध्यान में रखते हुए घोषित की गई हैं:
कुकी-बहुल चुराचांदपुर के पीस ग्राउंड से 7,300 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का शिलान्यास होगा।
मेइती-बहुल इंफाल में 1,200 करोड़ के इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन किया जाएगा।
इन योजनाओं में महिला हॉस्टल, सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल, आईटी डेवेलपमेंट सेंटर और आदिवासी छात्रों के लिए मॉडल स्कूल जैसी पहलें शामिल हैं।
यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब फरवरी 2025 से राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू है। पूर्व मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह के इस्तीफे के बाद यहाँ की प्रशासनिक और सुरक्षा कमान पूरी तरह से केंद्र के हाथ में है।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम और सियासी प्रतिक्रिया
मई 2023 से शुरू हुई हिंसा में 260 से अधिक लोग मारे गए और हजारों परिवार बेघर हुए थे। इन घटनाओं के बाद से प्रधानमंत्री की अनुपस्थिति को लेकर लगातार आलोचना होती रही है।
इस दौरे को लेकर सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी है। इंफाल के कांगला फोर्ट और चुराचांदपुर के पीस ग्राउंड पर पुलिस और पैरामिलिट्री बलों की भारी तैनाती है। अधिकारियों ने ‘वीवीआईपी कार्यक्रम’ में शामिल होने वाले लोगों के लिए कड़े दिशानिर्देश जारी किए हैं, जैसे 12 साल से कम उम्र के बच्चों और बीमार व्यक्तियों के आने पर पाबंदी। साथ ही, चुराचांदपुर में एयरगन पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है।
राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर, जहां विपक्षी दल पीएम मोदी की अनुपस्थिति को मुद्दा बनाते रहे हैं, वहीं भाजपा और स्थानीय सांसद इस दौरे को “सौभाग्य का क्षण” और विश्वास बहाली की दिशा में एक कदम बता रहे हैं। कई कुकी-जो संगठनों ने इसे ऐतिहासिक बताया है, जबकि महिलाओं के संगठन ‘इमागी मीरा’ ने पीएम से राष्ट्रीय राजमार्गों पर मेइती लोगों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित कराने का अनुरोध किया है।
कुल मिलाकर, पीएम मोदी की यह यात्रा मणिपुर के लिए उम्मीद, राहत और राजनीति का एक जटिल संदेश लेकर आ रही है। यह देखना बाकी है कि यह दौरा सिर्फ प्रतीकात्मक साबित होगा या वाकई राज्य के गहरे जख्मों का इलाज करेगा।




