
MADHEPURA: बिहार के मधेपुरा जिले में एक मां की हैवानियत ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। कुमारखंड थाना क्षेत्र की रौता पंचायत में एक 22 वर्षीय महिला ने अपने पति से हुए मामूली विवाद के बाद अपनी तीन साल की बेटी और एक साल के मासूम बेटे को एक पोखर में फेंक दिया, जिससे दोनों बच्चों की डूबने से दर्दनाक मौत हो गई। इस अमानवीय कृत्य के बाद आरोपी मां फरार हो गई है।
पति से विवाद के बाद उठाया खौफनाक कदम
रौता वार्ड नंबर-11 निवासी राकेश कुमार यादव और उनकी पत्नी आशा देवी के बीच पिछले छह महीने से घरेलू विवाद चल रहा था। विवाद इतना बढ़ गया था कि राकेश काम के लिए पंजाब चले गए थे। बताया जा रहा है कि शुक्रवार रात को दोनों के बीच फोन पर फिर से कहासुनी हुई, जिसके बाद आशा देवी ने गुस्से में यह खौफनाक कदम उठाया।
शनिवार सुबह करीब 10 बजे वह अपनी बेटी कृति कुमारी और बेटे हिमांशु कुमार को लेकर घर से निकली। वह गांव के सेंट्रल बैंक के पास और फिर पूर्व मुखिया अशोक मेहता के घर के सामने वाले पोखर की ओर गई। वहां उसने दोनों मासूमों को पानी में धकेल दिया और मौके से फरार हो गई।
चरवाहों ने देखे शव, गांव में मचा मातम
दोपहर करीब 12:30 बजे पशु चरा रहे चरवाहों की नजर पोखर में तैर रहे बच्चों के शवों पर पड़ी। उन्होंने तुरंत ग्रामीणों को इसकी सूचना दी, जिसके बाद मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। मृतक बच्चों के दादा सुनील यादव ने मौके पर पहुंचकर अपने पोते-पोतियों के शवों की पहचान की। इस घटना से पूरे गांव में मातम और आक्रोश का माहौल है। ग्रामीण मां के इस क्रूर कृत्य की कड़ी निंदा कर रहे हैं।
पुलिस की कार्रवाई और मां की तलाश
घटना की सूचना मिलते ही कुमारखंड थानाध्यक्ष पंकज कुमार पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। ग्रामीणों की मदद से दोनों बच्चों के शवों को पानी से बाहर निकाला गया। पुलिस ने आशा देवी के घर की तलाशी ली, जहां से कुछ जले हुए कपड़े और उसका मोबाइल फोन बरामद किया गया। पुलिस ने मोबाइल को जब्त कर जांच शुरू कर दी है।
थानाध्यक्ष ने बताया कि आरोपी आशा देवी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है, लेकिन वह अभी फरार है। पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।




