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दुर्ग में दो बांग्लादेशी महिलाएं गिरफ्तार, फर्जी दस्तावेज बनाकर पिछले 8 साल से छत्तीसगढ़ में रह रही थीं

 

दुर्ग : छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों के खिलाफ पुलिस ने एक और बड़ी कार्रवाई की है। दुर्ग पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने मोहन नगर थाना क्षेत्र से दो बांग्लादेशी महिलाओं को गिरफ्तार किया है, जो पिछले कई वर्षों से फर्जी दस्तावेजों के सहारे भारत में रह रही थीं। यह कार्रवाई अवैध अप्रवासियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की गई है।

सीएसपी सत्य प्रकाश तिवारी ने जानकारी दी कि एक दिन पहले मोहन नगर क्षेत्र के जयंती नगर में सेक्स रैकेट का भंडाफोड़ किया गया था। मामले की जांच के दौरान आरोपी महिला के मोबाइल से दो अन्य संदिग्ध महिलाओं के नंबर मिले। जब पुलिस ने उन महिलाओं को ट्रेस कर जांच की तो वे फर्जी पहचान के सहारे भारत में अवैध रूप से रह रही पाई गईं।

 

असली नाम छिपाकर बना रखा था फर्जी पहचान

गिरफ्तार महिलाओं में एक ने खुद को रानी पासवान बताया था, जबकि जांच में उसका असली नाम खुशबू बेगम निकला, जो बांग्लादेश के जोबरहाट, जिला दिनाजपुर की रहने वाली है। वहीं दूसरी महिला ने अपना नाम सपना शर्मा बताया था, लेकिन उसका वास्तविक नाम सनाया नूर है और वह भी बांग्लादेश के जोरहाट जिला, दीनाजपुर की निवासी है।

दोनों महिलाएं करीब 15 साल पहले भारत-बांग्लादेश सीमा को अवैध रूप से पार कर भारत में दाखिल हुई थीं। सनाया नूर पिछले 8 सालों से रायपुर के चंगोराभाठा इलाके में रह रही थी और फर्जी दस्तावेजों के सहारे भारतीय नागरिक बनकर जीवन जी रही थी।

दस्तावेजों की कूटरचना और झूठी शादी

जांच में सामने आया कि सनाया नूर ने 2019 में खुद को भारतीय नागरिक दिखाने के लिए फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड और मतदाता पहचान पत्र बनवाया। उसने अभय शर्मा नामक व्यक्ति को अपना पति बताकर ये दस्तावेज तैयार किए थे। मोबाइल डाटा विश्लेषण में यह भी सामने आया कि वह बांग्लादेश के कई नंबरों से इंटरनेट कॉल के जरिए लगातार संपर्क में थी।

खुशबू बेगम ने भी विभिन्न भारतीय राज्यों जैसे उत्तरी दिनाजपुर और आसनसोल में अलग-अलग पहचान और जन्म तिथि के आधार पर फर्जी दस्तावेज तैयार किए। बाद में फर्जी शादी कर राशन कार्ड और अन्य सरकारी दस्तावेज भी हासिल कर लिए थे।

 

मकान मालिकों पर भी गिरेगी गाज

पुलिस ने उन मकान मालिकों को भी नोटिस जारी किए हैं जिनके मकानों में ये महिलाएं किराए पर रह रही थीं। जांच में यदि मकान मालिकों की संलिप्तता पाई गई तो उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

यह दुर्ग पुलिस की बांग्लादेशी नागरिकों के खिलाफ तीसरी बड़ी कार्रवाई है। इससे पहले भिलाई से तीन बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

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