Breaking news
Advertisement
छत्तीसगढ़ट्रेंडिंग-न्यूज़बड़ी खबरब्रेकिंग न्यूज़रायपुर

ज्ञानपीठ से सम्मानित हिंदी के प्रख्यात लेखक विनोद कुमार शुक्ल का निधन, साहित्य जगत में दौड़ी शोक की लहर

रायपुर। Vinod Kumar Shukla Passes Away: छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध हिंदी कवि और कथाकार विनोद कुमार शुक्ल का निधन हो गया है। उन्हें साहित्य अकादमी और ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। वे लंबे समय से बीमार चल रहे थे। उन्हें राजधानी रायपुर के एक एम्स अस्पताल में वेंटिलेटर में ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया था। जहां उनका निधन हो गया।

बता दें कि, विनोद कुमार शुक्ल हिंदी साहित्य की उन विशिष्ट हस्तियों में रहे, जिन्होंने अपनी सरल, संवेदनशील और मानवीय भाषा से साहित्य को नई दिशा दी। उनकी रचनाओं में आम जीवन की गहरी अनुभूति, मौन का सौंदर्य और करुणा की सादगी देखने को मिलती है। कविता, कहानी और उपन्यास- तीनों विधाओं में उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई।

वर्षों की साहित्य साधना के लिए उन्हें देश के सर्वोच्च साहित्यिक सम्मानों से नवाजा गया। उन्हें साहित्य अकादमी पुरस्कार और प्रतिष्ठित ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित किया गया था, जो उनके साहित्यिक कद और योगदान को दर्शाता है। विनोद कुमार शुक्ल को उनके उपन्यास “दीवार में एक खिड़की रहती थी” के लिए 1999 में साहित्य अकादमी पुरस्कार मिला था। उन्हें 2024 में 59वें ज्ञानपीठ पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया था ।

Vinod Kumar Shukla Passes Away: वहीं उनके निधन की खबर से साहित्य जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। देशभर के साहित्यकारों, पाठकों और प्रशंसकों ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि पूरे हिंदी साहित्य जगत के लिए यह एक अपूरणीय क्षति मानी जा रही है।विनोद कुमार शुक्ल की रचनाएं आने वाली पीढ़ियों को संवेदना, सादगी और मानवीय मूल्यों का पाठ पढ़ाती रहेंगी।

 

Advertisement
Tags

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Close