मकई के खेत तक जाने की कोशिश… पोखर ने छीन ली दादा-पोती की जिंदगी
टीन की जुगाड़ नाव पलटी, दो साल की मासूम और दादा डूबे, गांव में पसरा मातम

कटिहार : रविवार की सुबह खेत तक पहुंचने की एक छोटी-सी कोशिश एक परिवार के लिए जिंदगी भर का जख्म बन गई। अमदाबाद थाना क्षेत्र के दुर्गापुर पंचायत के वार्ड छह, बहरसाल गांव में बाढ़ के पानी से बने पोखर को पार करते समय टीन की जुगाड़ नाव पलट गई, जिससे दादा और उसकी दो वर्षीय पोती की डूबकर दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद पूरे गांव में कोहराम मच गया।
मृतकों की पहचान, खेत जाने के दौरान हुआ हादसा
हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान गोविंदपुर बहरसाल गांव निवासी 49 वर्षीय अशोक मंडल और उसकी दो साल की पोती रुचिता मंडल के रूप में हुई है। मृतक के भाई सुरेश मंडल ने बताया कि अशोक मंडल सुबह करीब 9 बजे अपनी पोती को साथ लेकर गांव से कुछ दूरी पर स्थित मकई के खेत जा रहा था।
बाढ़ ने बदला रास्ता, जुगाड़ नाव बनी जानलेवा
स्थानीय लोगों के अनुसार, महानंदा नदी की धार और बाढ़ के पानी से नदी के पास एक बड़ा पोखर बन गया है। खेत तक जाने के लिए अशोक मंडल रोजमर्रा की तरह टीन से बनी छोटी जुगाड़ नाव से पोखर पार कर रहा था, लेकिन अचानक नाव पलट गई और दोनों पानी में समा गए।
ग्रामीणों ने निकाले शव, हर तरफ चीख-पुकार
घटना की सूचना मिलते ही परिजन और ग्रामीण मौके पर दौड़े। काफी मशक्कत के बाद पोखर से दादा-पोती के शव बरामद किए गए। ठंड के मौसम में हुई इस घटना ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया।
पुलिस कार्रवाई, पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए शव
घटना की जानकारी मिलने पर परिजन शव लेकर अमदाबाद थाना पहुंचे। पुलिस ने पंचनामा तैयार कर दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल, कटिहार भेज दिया।
प्रभारी सह अपर थानाध्यक्ष विजय कुमार राम ने बताया कि मामले में आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
गांव में मातमी सन्नाटा, मुआवजे की मांग
दुर्गापुर पंचायत के मुखिया गोपाल प्रसाद सिंह ने कहा कि एक ही घर से दादा और पोती की मौत से बहरसाल गांव में मातमी सन्नाटा पसरा है। उन्होंने पीड़ित परिवार को सरकारी मुआवजा दिए जाने की मांग की है।




