
छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में एक दर्दनाक सड़क हादसे में पति-पत्नी और उनके तीन महीने के मासूम बेटे की मौत हो गई। यह हादसा शुक्रवार सुबह नेशनल हाईवे-43 पर अंबिकापुर-रायगढ़ मेन रोड स्थित बिशुनपुर गांव के पास हुआ। मृतक दंपती अपने बच्चे के निमोनिया के इलाज के लिए अंबिकापुर जा रहे थे।
तेज रफ्तार कार ने मारी टक्कर
सीतापुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बिशुनपुर गांव के पास बाइक सवार दंपती को एक तेज रफ्तार कार ने रॉन्ग साइड से टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि पति, पत्नी और बच्चा तीनों उछलकर अलग-अलग दिशा में जा गिरे और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। बाइक पूरी तरह चकनाचूर हो गई।
निमोनिया का इलाज कराने जा रहे थे
हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान सुनील लकड़ा (35), उनकी पत्नी अस्मतिया (28) और उनके तीन महीने के बेटे के रूप में हुई है। दंपती के दो अन्य बच्चे—इंदु (8) और चंदू (6)—इस दौरान घर पर थे। परिजन के अनुसार, तीन महीने के बेटे को निमोनिया हो गया था, जिसके इलाज के लिए वे अंबिकापुर जा रहे थे।

नशे में धुत था कार चालक
कार को आमाटोली निवासी संतोष पैकरा चला रहा था, जो नशे की हालत में था। कार में उद्यानिकी कॉलेज आमाटोली की तीन छात्राएं भी सवार थीं—अंजली तिर्की, सुशीला खिंचा और खुशबू पोर्ते। सभी को सीतापुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है। कार का एयरबैग खुल जाने के कारण चालक को ज्यादा चोट नहीं आई।
छात्राओं ने हादसे से पहले चेताया था
हादसे से पहले छात्राओं ने बताया कि उन्होंने चालक की शराब पीने की स्थिति देखी और कार से उतरने की कोशिश की थी, लेकिन चालक ने उनकी बात नहीं मानी। कार की रफ्तार काफी तेज थी और संतुलन बिगड़ने के बाद उसने बाइक को टक्कर मार दी। हादसे के बाद कार एक घर में जा घुसी।
पुलिस जांच में जुटी
घटना की सूचना पर डायल 112 की टीम मौके पर पहुंची और घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने दंपती और उनके बच्चे को मृत घोषित कर दिया। सीतापुर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और जांच जारी है।




