छत्तीसगढ़ विनियोग विधेयक पर सदन में चर्चा जारी, विनियोग का आकार 1.87 लाख करोड़, विपक्ष ने सरकार से मांगा स्पष्टीकरण
रायपुर। CG Budget 2026-27: छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज विनियोग विधेयक पर सदन में चर्चा की गई। वित्त मंत्री ओ. पी. चौधरी ने विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026‑27 का बजट ₹1.72 लाख करोड़ के “संकल्प बजट” के रूप में पेश किया, जिसमें विकास, इंफ्रास्ट्रक्चर, कृषि और सामाजिक कल्याण पर बल दिया गया है। इसी बजट के व्यय को स्वीकृत करने के लिये सदन में विनियोग विधेयक पेश किया गया और उस पर चर्चा की गई। पारदर्शिता, सेवा के लिये समर्पण और प्रशासनिक अनुभव के आधार पर वित्त मंत्री ने सदन में जवाब देने का आग्रह किया।
वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा, प्रशासनिक दायित्वों के दौरान मैंने देख कैसे बच्चों के सपने को कुचला जाता है। आज विनियोग विधेयक को सेवा के संकल्प के रूप में पेश कर रहा हूं। पूरी ट्रांसपेरेंसी के साथ जवाब देने खड़ा हुआ हूं। उन्होंने कहा कि, कुछ ऐसे प्रश्न किए है जिसका उत्तर प्रदेश की जनता ने 2023 में दे दिया है। उन्होंने तंज करते हुए कहा कि,’सांच बराबर तप नहीं, झूठ बराबर पाप’
वित्त मंत्री के मुताबिक, राज्य का कुल विनियोग आकार 1 लाख 87 हजार 500 करोड़ रुपए है। उन्होंने दावा किया कि पिछली सरकार के तीन वित्तीय वर्ष राष्ट्रीय औसत से कम रहे, जबकि मौजूदा सरकार के दो वर्षों में राज्य ने राष्ट्रीय औसत से ज्यादा ग्रोथ दर्ज की है। प्रति व्यक्ति आय भी राष्ट्रीय औसत से बेहतर बताई गई। खर्च के आंकड़ों का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि, 2019-20 में व्यय 8,566 करोड़ रुपए था, जो बढ़कर 2024-25 में 20,054 करोड़ रुपए हो गया है। साथ ही पूंजीगत व्यय को और तेज़ी से बढ़ाने की बात कही गई।
CG Budget 2026-27: धान खरीदी पर उन्होंने कहा कि पहले जहां करीब 10 हजार करोड़ रुपए का भार आता था, अब यह बढ़कर 20 हजार करोड़ रुपए हो गया है। वहीं महतारी वंदन योजना में करीब 8 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान है। मंत्री ने उद्योगों को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया और बताया कि जहां 2020-21 में सिर्फ 286 करोड़ रुपए मिले थे, वहीं अब सरकार 7,500 करोड़ रुपए लाने में सफल रही है। सरकार का दावा है कि राज्य का बजट और खर्च प्रबंधन पिछले वर्षों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन कर रहा है और विकास की रफ्तार लगातार तेज़ हो रही है।
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