जेल में ही रहेंगे उमर और शरजील इमाम, सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की जमानत याचिका, 1 साल तक अपील करने पर लगाई रोक
दिल्ली। Umar Khalid Bail Plea: आज से लगभग छह साल पहले यानी फरवरी 2020 में दिल्ली का नॉर्थ ईस्ट इलाके सांप्रदायिक हिंसा से सुलग उठा। जिसमें करीब 53 लोगों की मौत हुई थी और 250 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। इन दंगों के पीछे बड़ी साजिश में उमर खालिद और शरजील इमाम का नाम सामने आया था। जबकि 750 से ज्यादा लोगों पर FIR दर्ज की गईं थी। वहीं सुप्रीम कोर्ट ने आज उनकी जमानत याचिकाएं खारिज कर दी है।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि, उमर और शरजील एक साल तक इस मामले में जमानत याचिका दाखिल नहीं कर सकते हैं। जबकि, फातिमा, मीरान हैदर, शिफा उर रहमान, मोहम्मद सलीम खान, शादाब अहमद को 12 शर्तों के साथ जमानत दे दी गई है। साथ ही यह भी कहा कि जमानत मिलने से उनके खिलाफ लगे आरोपों में कोई नरमी नहीं आती। अगर पांचों आरोपियों द्वारा जमानत शर्तों का उल्लंघन किया जाता है, तो ट्रायल कोर्ट इस मामले में सुनवाई के बाद उनकी जमानत रद्द करने के लिए स्वतंत्र होगा।
Umar Khalid Bail Plea: मालूम हो की उमर खालिद जमानत के लिए निचली अदालत से सुप्रीम कोर्ट तक 6 बार याचिका लगा चुका है। वहीं शीर्ष अदालत ने दिल्ली पुलिस को एक साल के अंदर सभी गवाहों के बयान दर्ज करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा कि, गवाहों की जांच पूरी होने या अब से एक वर्ष के भीतर, उमर और शरजील जमानत के लिए फिर से निचली अदालत में जा सकते हैं।




