
रायपुर रिपोर्टर:- सुधीर वर्मा
राजधानी रायपुर स्थित महंत घासीदास संग्रहालय के मुक्ताकाश मंच में आज भारत विभाजन विभीषिका दिवस पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। साथ ही कार्यक्रम में राष्ट्रीय संगोष्ठी एवं चित्र प्रदर्शनी में राज्य के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सम्मिलित हुए, वही कार्यक्रम में सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक सुनील सोनी, मोतीलाल साहू, अजय जामवाल, पवन साय, साहित्य अकादमी अध्यक्ष शशांक शर्मा, अल्पसंख्यक आयोग अध्यक्ष अमरजीत छाबड़ा सहित अनेक विद्यार्थी कार्यक्रम को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत का विभाजन इतिहास का वह अध्याय है, जिसकी पीड़ा आज भी महसूस होती है। लाखों लोग अपने घर-परिवार और मातृभूमि से दूर हुए, हिंसा व अशांति झेली और कई अपने घर तक नहीं लौट पाए। अमृतसर स्टेशन पर ट्रेनों से जुड़ी घटनाएं आज भी उस कठिन दौर की याद दिलाती हैं। कठिन समय में भारत लौटे लोगों ने साहस व परिश्रम से नई शुरुआत की, जो सराहनीय है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि 14 अगस्त स्व. दिलीप सिंह जूदेव की पुण्यतिथि भी है, जिन्होंने अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में राज्यमंत्री रहते हुए महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनका व्यक्तित्व विशाल और स्वभाव परोपकारी था। आज धरमजयगढ़ में उनकी पुण्यतिथि पर संस्कृति रक्षा महासम्मेलन व अभिनंदन समारोह आयोजित हुआ। उन्होंने कहा कि कठिन संघर्ष और त्याग से मिली स्वतंत्रता का सम्मान हर नागरिक का कर्तव्य है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर हर-घर तिरंगा अभियान ने देशभर में तिरंगे को एकता और उत्साह का प्रतीक बना दिया है।
मुख्य वक्ता डॉ. सदानंद सप्रे ने विभाजन की पीड़ादायक घटनाओं को भारत की एकता व अखंडता सुदृढ़ करने के लिए स्मरणीय बताया। अध्यक्ष डॉ. युधिष्ठिर लाल महाराज ने कहा कि विभाजन में सिख, सिंधी सहित अनेक समुदायों का विस्थापन एक बड़ा मानवीय संकट था, जिसे भावी पीढ़ी तक पहुंचाना आवश्यक है।




