बिहार चुनाव से पहले लालू प्रसाद यादव को लगा एक बड़ा झटका, IRCTC घोटाला मामले में परिवार के खिलाफ आरोप तय
बिहार। IRCTC Scam: आगामी 11 और 16 नवंबर को बिहार में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। जिसे लेकर सुगबुगाहट तेज है। सभी राजनीतिक पार्टियां चुनाव की तैयारी में लगी हुई है। वहीं इस बीच पहले राष्ट्रीय जनता दल के सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव को एक बड़ा झटका लगा है। जहां IRCTC घोटाले मामले में राउज एवेन्यू कोर्ट ने लालू यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव के खिलाफ आरोप तय कर दिए हैं। वहीं बिहार विधानसभा चुनावों के बीच जारी मामले की सुनवाई को लेकर बिहार में सियासत तेज हो गई है।
बता दें कि, कोर्ट ने आरोप तय करते हुए कहा कि लालू यादव की जानकारी में इस घोटाले की साजिश रची गई। लालू यादव के परिवार को इसका फायदा हुआ था। जिसमें राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव को बेहद कम दाम पर जमीन मिली थी। वहीं इस मामले में लालू यादव, उनकी पत्नी राबड़ी देवी, बेटे तेजस्वी यादव समेत कुल 14 लोगों को आरोपी बनाया गया है। जो की सुनवाई के लिए तीनों कोर्ट पहुंचे।
हो सकती है जेल
वहीं इस पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने अपने फैसले में साफ तौर पर कहा कि टेंडर प्रक्रिया में लालू यादव ने दखलअंदाजी की थी। जिसके बाद सीबीआई ने इस मामले में केस चलाने के लिए कोर्ट में एक चार्जशीट दाखिल की थी। राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव पर भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 420 (धोखाधड़ी) और 120B (आपराधिक साजिश) के तहत आरोप लगे हैं। माना जा रहा है कि, अगर तीनों के खिलाफ आरोप साबित हुए तो इन्हें एक से 7 साल तक की सजा हो सकती है।
क्या है IRCTC मामला
IRCTC Scam: यह मामला 2004 से 2009 का है। जब लालू प्रसाद यादव भारत के रेल मंत्री थे। उस समय दो होटलों के खरखाव का टेंडर निकाला था। जिसमें छेड़छाड़ कर लालू यादव ने होटल के रखरखाव और संचालन का ठेका सुबोध कुमार सिन्हा नामक एक व्यवसायी की कंपनी सुजाता होटल प्राइवेट लिमिटेड को दिलाया था। आरोप में कहा गया कि, इसके बदले में लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार को पटना में कीमती जमीनें बेहद सस्ते दामों पर दी गई थी।




