दिल्ली हाई कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी : कार्यवाही रुकी, जांच शुरू
ईमेल में 1998 के कोयंबटूर धमाकों को दोहराने और राजनीतिक शख्सियतों को निशाना बनाने का जिक्र

नई दिल्ली: शुक्रवार को दिल्ली हाई कोर्ट में उस समय हड़कंप मच गया, जब एक ईमेल के जरिए परिसर को बम से उड़ाने की धमकी मिली। इस धमकी के तुरंत बाद, अदालती कार्यवाही अचानक रोक दी गई और सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे परिसर को अपने घेरे में ले लिया।
ईमेल में क्या था?
यह धमकी भरा ईमेल कथित तौर पर विजय शर्मा नामक एक व्यक्ति ने दिल्ली हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल आर. जी. अरुण भारद्वाज को भेजा था। ईमेल में कई चौंकाने वाले दावे किए गए थे, जिनमें एक ‘आतंकी साजिश’ की बात कही गई थी।
आतंकी साजिश: ईमेल के अनुसार, एक ‘स्मार्ट और डायनेमिक शिया मुस्लिम’ डॉ. शाह फैसल ने पाकिस्तान की आईएसआई (ISI) के कोयंबटूर सेल से मिलकर 1998 के कोयंबटूर बम धमाकों को ‘आज पटना में दोहराने’ की योजना बनाई है।
राजनीतिक आरोप: इसमें ‘धर्मनिरपेक्ष’ राजनीतिक दलों पर वंशवाद और भ्रष्टाचार के जरिए भाजपा/आरएसएस से लड़ने का आरोप लगाया गया। धमकी में कहा गया कि राहुल गांधी और उदयनिधि स्टालिन जैसे राजनीतिक उत्तराधिकारियों को निशाना बनाया जाएगा, ताकि ‘धर्मनिरपेक्ष नेतृत्व का नया विकास’ हो सके।
तमिलनाडु में हमले की धमकी: ईमेल में तमिलनाडु के एक राजनीतिक शख्सियत पर एसिड अटैक करने की भी बात कही गई।
सुरक्षा एजेंसियों की कार्रवाई
धमकी मिलने के बाद, हाई कोर्ट की ज़्यादातर पीठें अचानक उठ गईं और परिसर को तुरंत खाली करा लिया गया। दिल्ली पुलिस के विशेष दस्ते, दमकल विभाग और बम निरोधक दस्ते मौके पर पहुंचे और पूरे इलाके में सघन तलाशी अभियान शुरू किया गया। यह घटना दिल्ली में हाल ही में स्कूलों और कॉलेजों को मिली इसी तरह की धमकी भरी कॉल्स और ईमेल की श्रृंखला का हिस्सा है।





