रायपुर। प्रदेश में लगातार पड़ रहे आयकर विभाग (Income Tax Department) के छापों (Raid) के बीच मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (Chief Minister Bhupesh Baghel) ने अपने मंत्रियों के साथ विधानसभा में आपात बैठक की। बैठक में मुख्य सचिव आरपी मंडल और डीजीपी डीएम अवस्थी भी मौजूद थे। इसके बाद इन लोगों ने राज्यपाल (Governor) अनुसुइया उइके से मुलाकात भी की।
संघीय ढांचे पर प्रहार: संसदीय कार्यमंत्री
बैठक में संसदीय कार्यमंत्री रविंद्र चौबे ने कहा कि पिछले 36 घंटे में पूर्व चीफ सिकरेट्री विवेक ढांढ, आईएएस अनिल टूटेजा की पत्नी मिनाक्षी टूटेजा, मुख्यंत्री की डिप्टी सिकरेट्री सौम्या चौरसिया, ओएसडी अरूण मरकाम, आबकारी विभाग के ओएसडी अरूणपति त्रिपाठी जैसे अफसरों के ठिकानों पर छापेमारी हुई है। इन छापों के बारे में सरकार को ना तो सूचना दी गयी और ना ही उन्हें विश्वास में लिया गया। इस मामले में मीडिया को अभी तक कोई अपडेट नहीं दिया गया है। अभी जो सूचना मिली है, उसके मुताबिक घर में ताला लगा होने के बावजूद महिला अफसर के घर पर दबिश दी गयी है। ये संघीय ढांचे के विपरीत है, इसे लेकर अभी सीधे राज्यपाल को ज्ञापन देने मंत्रिमंडल के सदस्य गए।
पुलिस ने आनन -फानन में छोड़ी गाड़ियां :
विधानसभा में गाड़ियों की जब्ती का मामला उठने के बाद पुलिस ने आनन-फानन में सभी गाड़ियों को छोड़ दिया। पुलिस ने कहा कि राष्ट्रपति दो दिन के दौरे पर छत्तीसगढ़ आ रहे हें। इसी के चलते होटल, लॉज और अन्य जगहों पर चेकिंग की जा रही थी। इतनी सारी गाड़ियां बांबे मार्केट के पास खड़ी थी। इस पर चालकों से पूछा गया तो वे संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। इसके बाद गाड़ियों को पूछताछ के लिए पुलिस लाइन लाया गया था। चलानी कार्रवाई करने के बाद उन्हें छोड़ दिया गया है।
क्यों पकड़ी थी गाड़ियां:
संसदीय कार्यमंत्री रविंद्र चौबे (Parliamentary Affairs Minister,) ने छत्तीसगढ पुलिस का बचाव करते हुए कहा कि राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का प्रदेश में दौरा होने वाला है। ऐसे में दूसरे राज्यों की गाड़ियां वह भी ज्यादा तादाद में इकट्ठी होना पुलिस का संदेह बढाता है। इसी लिए उन सभी पर कार्रवाई की गई। मौके पर मौजूद लोग पुलिस को संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए थे। इसी लिए इनको रोका गया।




