‘अब मैं (NDA) छोड़ने वाला नहीं हूं’: विधानसभा में CM नीतीश ने PM मोदी की खुलकर की प्रशंसा, विपक्ष पर साधा निशाना
केंद्र से मिल रहे विशेष सहयोग के लिए मुख्यमंत्री ने सदस्यों से हाथ उठाकर PM मोदी का आभार व्यक्त करने की अपील की; बोले- "जब आपने शरारतें शुरू कर दीं, तो मैं अलग हो गया।"
पटना : बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बृहस्पतिवार को राज्य विधानसभा में केंद्र सरकार की खुलकर प्रशंसा की, जो राज्य की राजनीति में गठबंधन की मज़बूती को दर्शाता है। लगातार पांचवीं बार मुख्यमंत्री बनने का रिकॉर्ड बना चुके कुमार ने राज्यपाल के संयुक्त अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त करने के लिए सदन के सदस्यों से हाथ उठाने की अपील की।
केंद्र से मिल रहे सहयोग का उल्लेख
मुख्यमंत्री ने अपने 20 वर्ष के शासनकाल में हुए विकास कार्यों पर विस्तार से बात की। उन्होंने अपने 20 मिनट के भाषण के अंत में कहा कि राज्य के विकास के लिए उन्हें केंद्र सरकार से पूरा सहयोग मिल रहा है। उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा सड़कों, उद्योग, स्वास्थ्य, पर्यटन और बाढ़ नियंत्रण के लिए विशेष वित्तीय सहायता दिए जाने का उल्लेख किया।
उन्होंने बताया कि फरवरी 2025 के बजट में मखाना बोर्ड स्थापित करने का प्रस्ताव, हवाई अड्डे बनाने और पश्चिम कोसी नहर परियोजना के लिए आर्थिक मदद की घोषणा की गई है, साथ ही बिहार को खेलो इंडिया यूथ गेम्स की मेजबानी का अवसर भी मिला।
विपक्ष पर तंज और राजनीतिक बयान
इन सभी सहयोगों के लिए सीएम नीतीश कुमार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सलाम किया और सभी सदस्यों से हाथ उठाकर ऐसा करने का अनुरोध किया।
अपनी सीट पर बैठने से पहले, उन्होंने विपक्ष के सदस्यों की ओर इशारा करते हुए तंज कसा कि उन्होंने प्रधानमंत्री को धन्यवाद देने के लिए हाथ नहीं उठाए। उन्होंने कहा, “आप लोग ऐसा क्यों नहीं कर रहे हैं? दो-तीन बार मैं आप लोगों के साथ हो गया था। लेकिन जब आपने शरारतें शुरू कर दीं, तो मैं अलग हो गया। अब मैं (एनडीए) छोड़ने वाला नहीं हूं।” यह सुनते ही सदन में जोरदार ठहाके गूंज उठे।
डिप्टी सीएम ने खारिज किया ‘बुलडोजर राज’ का आरोप
विधानसभा में चर्चा क़रीब दो घंटे तक चली। अंत में उपमुख्यमंत्री और गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने सरकार की ओर से जवाब दिया। उन्होंने विपक्ष के उस आरोप को ख़ारिज कर दिया जिसमें कहा गया था कि वे उत्तर प्रदेश की तर्ज पर बिहार में “बुलडोजर राज” कायम करना चाहते हैं।
चौधरी ने कहा, “बिहार सुशासन के लिए जाना जाता है, जिसके नीतीश कुमार पर्याय बन चुके हैं। यहाँ बुलडोजर कोई मुद्दा नहीं है। मेरा नाम सम्राट चौधरी है और यह तय समझिए कि मैं बुलडोजर का प्रतीक नहीं हूं।” उन्होंने स्पष्ट किया कि अवैध क़ब्ज़ों पर कार्रवाई अदालत के निर्देशों के अनुसार की जा रही है और माफिया पर सख्ती जारी रहेगी।
वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के नेतृत्व में विपक्ष ने नाराज़गी जताई कि सभापति ने उन्हें धन्यवाद प्रस्ताव पर बोलने की अनुमति नहीं दी, यह कहते हुए कि उनके संशोधनों को ही सुझाव माना जाएगा।




