महिलाओं के अब दो भाई हैं, नीतीश और मोदी : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
बिहार में 'मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना' का ऐतिहासिक आगाज : पीएम मोदी ने 75 लाख महिलाओं को ₹7500 करोड़ की सौगात दी।बिहार में महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ मिलकर 'मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना' की शुरुआत की। इस योजना के तहत राज्य की 75 लाख महिला लाभार्थियों के बैंक खातों में प्रत्येक को ₹10,000 की दर से कुल ₹7500 करोड़ की राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए भेजी गई।

पटना: बिहार में महिला सशक्तिकरण और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए शुक्रवार को एक बड़ा आयोजन किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की गरिमापूर्ण उपस्थिति में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ‘मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना’ की शुरुआत की। इस दौरान, राज्य की 75 लाख महिला लाभार्थियों के खातों में ₹10,000 की पहली किस्त सीधे भेजी गई, जिससे कुल ₹7500 करोड़ की राशि का ट्रांसफर हुआ।
दिल्ली से प्रधानमंत्री मोदी और पटना से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इस वर्चुअल सम्मेलन में शामिल हुए। इस दौरान, राज्य के सभी 38 जिलों में जिला, ब्लॉक और पंचायत स्तर पर भी कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिसमें हजारों की संख्या में जीविका दीदी और ग्रामीण महिलाओं ने हिस्सा लिया। यह आयोजन पूरे राज्य में एक उत्सव के रूप में मनाया गया।
योजना की मुख्य बातें
इस योजना के तहत, सरकार का मुख्य लक्ष्य प्रत्येक महिला को रोजगार शुरू करने के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करना है। इसकी मुख्य विशेषताएं इस प्रकार हैं:
₹10,000 की पहली किस्त: प्रत्येक महिला को शुरुआती पूंजी के रूप में ₹10,000 दिए गए हैं, जिसका उपयोग वे अपना स्वरोजगार शुरू करने में कर सकती हैं। अतिरिक्त सहायता: सफल महिलाओं को आगे चलकर ₹2 लाख तक की अतिरिक्त आर्थिक सहायता भी दी जाएगी।
प्रशिक्षण की सुविधा: लाभार्थियों को उनके चुने हुए व्यवसाय जैसे खेती, पशुपालन, सिलाई-बुनाई या छोटे-मोटे व्यवसाय के लिए प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
बाजार तक पहुंच: योजना में यह भी प्रावधान है कि महिलाओं द्वारा बनाए गए उत्पादों को हाट-बाजार तक पहुंचाने में भी मदद की जाएगी।
‘बिहार की महिलाओं के अब दो भाई हैं, नीतीश और मोदी’
इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने बिहार सरकार की इस पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह योजना ग्रामीण स्वयं सहायता समूहों (SHG) और शहरी महिलाओं के लिए एक नई शुरुआत है। प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि बिहार की महिलाओं के अब दो भाई हैं, एक नीतीश कुमार और दूसरे नरेंद्र मोदी, जो उनकी भलाई और उन्नति के लिए अथक प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने महिलाओं से योजना का लाभ उठाने और अपने पैरों पर खड़े होने का आह्वान किया।
इस दौरान, कई मंत्रियों और गणमान्य व्यक्तियों ने भी इस कार्यक्रम में भाग लिया। इस योजना को राज्य की महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक उत्थान की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम माना जा रहा है, जो उन्हें आत्मनिर्भर बनाकर देश के आर्थिक विकास में योगदान देने का अवसर देगा।




