बिहार में विधानसभा चुनाव: आदर्श आचार संहिता लागू, 2.04 करोड़ रुपये की जब्ती
चुनाव आयोग की सख्ती, नकदी और अवैध वस्तुओं पर चला सघन जांच अभियान

पटना : बिहार में आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर आदर्श आचार संहिता लागू होने के बाद अब तक लगभग 2.04 करोड़ रुपये की अवैध वस्तुओं की जब्ती की गई है। राज्य में चुनाव आयोग के निर्देशानुसार आयकर विभाग, आबकारी विभाग, पुलिस, सीमा शुल्क और निगरानी टीम मिलकर चुनावी खर्च एवं अवैध नकदी रोकने के लिए लगातार जांच अभियान चला रही हैं।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, अब तक 3,60,000 रुपये नकद, 1.28 करोड़ रुपये की शराब और 61.17 लाख रुपये मूल्य के नशीले पदार्थ जब्त किए जा चुके हैं। इसके अलावा, 14.50 लाख रुपये मूल्य की मुफ्त में वितरित की जा रही वस्तुएं भी बरामद की गई हैं।
पटना के जिला निर्वाचन पदाधिकारी व डीएम डॉ. त्यागराजन एसएम ने बताया कि प्रत्येक प्रत्याशी पर 40 लाख रुपये चुनावी खर्च की सीमा निर्धारित की गई है। इसके साथ ही प्रत्याशियों के लिए चुनाव खर्च के लिए अलग से बैंक खाता खोलना अनिवार्य है, जिसमें 10 हजार रुपये से अधिक के लेनदेन पर कड़ी नजर रखी जाएगी।
आचार संहिता के दौरान नकद रखने की सीमा 50,000 रुपये तय की गई है। यदि किसी के पास इससे अधिक नकदी पाई जाती है और वह उसकी वैधता साबित नहीं कर पाता, तो पुलिस उस नकद राशि को जब्त कर लेगी। इस कड़ी निगरानी के लिए जिले में 20 प्रवर्तन एजेंसियां विशेष रूप से सक्रिय हैं।
पटना डीएम ने स्पष्ट किया कि ज्यादा नकद राशि साथ लेकर चलना अपराध नहीं है, बशर्ते उसके लिए वैध दस्तावेज मौजूद हों। बैंक से पैसा निकालने पर विथड्रॉल स्लिप, मोबाइल मैसेज या पासबुक एंट्री, शादी या इलाज के लिए पत्रावली, वाणिज्यिक लेनदेन के लिए बिल आदि आवश्यक होंगे।
इन नियमों का उद्देश्य चुनावी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाए रखना और काले धन के प्रयोग को रोकना है, जिससे चुनाव निष्पक्ष और सुचारू रूप से संपन्न हो सके।
यह कार्रवाई बिहार में आगामी विधानसभा चुनाव की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।




