पुलिस कमिश्नरेट के बाद मौदहापारा में पहली बड़ी कार्रवाई, सैकड़ों जवानों के साथ पंहुचा अमला, पथराव से निपटने की पूरी तैयारी
हिमांशु पटेल/ रायपुर। Raipur News: रायपुर नगर निगम, जिला प्रशासन और पुलिस के अमले ने फाफाडीह पिथालिया कॉम्प्लेक्स से मौदहापारा होते हुए जयस्तंभतक रोड किनारे दुकानों का कब्जा हटाने अभियान चलाया। राजधानी में पुलिस कमिश्नरेट के बाद यह पहला संयुक्त अभियान था, जिसमें 40 पुलिस जवानों के साथ निगम व जिला प्रशासन की टीम प्रहरी मिलाकर कुल 80 लोगों की फौज तैयार की गई। दलबल के साथ निकली इस फौज ने 40 से अधिक दुकानदारों से सड़क पर अतिक्रमण करने पर 80 हजार रुपये से अधिक का ई जुर्माना वसूला। वहीं लगभग 120 से अधिक दुकानों के सामने सड़क पर कब्जा कर रखे गये लगभग 12 ट्रक से अधिक मात्रा में सामान जब्त किया गया, इनमें 8 कंडम गाड़ियां भी शामिल थी।
बता दें कि, इस अभियान के दौरान मौदहापारा क्षेत्र में कुछ विवाद की स्थिति निर्मित हुई, जिसे पुलिस ने नियंत्रित कर लिया। इसके बाद अभियान दल ने एमजी रोड में भी कार्रवाई की। निगम आयुक्त विश्वदीप ने कहा कि यह केवल एक दिन नहीं, बल्कि इस रोड की अब रोज मॉनिटरिंग होगी, इसका जिम्मा जोन-2 कमिश्नरी को दिया जाएगा। अभियान में शामिल जोन-2 कमिश्नर संतोष पांडेय, अपरआयुक्त पंकज शर्मा और प्रभारी नगर निवेश अधिकारी आभाष मिश्रा व आशुतोष सिंह भी अपनी टीम व 4 जेसीबी के साथ मौजूद थे।
अभियान से 1 घंटे पहले वीडियोग्रॉफी
इस अभियान से 1 घंटा पहले निगम के अमले ने जयस्तंभ चौक से पिथालिया कॉम्प्लेक्स तक सड़क के दोनों ओर स्थित दुकानों के बाहर रखी सामग्रियों की वीडियोग्रॉफी तैयार कर ली थी। जब कार्रवाई की भनक दुकानदारों को लगी तब उन्होंने अपना सामान दुकानों में जमाना शुरू कर दिया, लेकिन सबूत के तौर पर वीडियोग्रॉफी अनुसार उनकी सामग्रियों की जब्ती बनाकर चालान बनाना शुरू किया गया। इस बीच कुछ अवैध निर्माण पर जब बुलडोजर चला तब मौदहापारा कब्रिस्तान के सामने व आसपास विवाद की स्थिति निर्मित होने लगी। यहां पुलिस बल ने स्थिति को नियंत्रित कर लिया
पथराव और भीड़ नियंत्रण के लिए तैयार थी पुलिस
Raipur News: संवेदनशील माने जाने वाले मौदहापारा रोड में कार्रवाई की योजना दरअसल 9 फरवरी से बनाई जा रही थी। 10 फरवरी को बड़े सरकारी आयोजन के कारण 11 फरवरी तय किया गया। यहां किसी भी अप्रिय स्थिति का सामना करने के लिए पुलिस की विशेष फोर्स जो भीड़ नियंत्रण और पथराव की स्थिति के लिए है, उसे तैयार किया गया। इसी के चलते कार्रवाई में जुटे 80 में 40 पुलिस के जवान थे।




