जोधपुर में RSS की बड़ी बैठक शुरू: शताब्दी वर्ष की तैयारियों और सामाजिक मुद्दों पर मंथन
सरसंघचालक मोहन भागवत और सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने किया उद्घाटन, 32 संगठनों के 320 पदाधिकारी शामिल, BJP अध्यक्ष जेपी नड्डा भी पहुँचे
जोधपुर, राजस्थान: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और संघ प्रेरित 32 संगठनों के अखिल भारतीय पदाधिकारियों की एक महत्वपूर्ण समन्वय बैठक शुक्रवार को जोधपुर में शुरू हो गई है। तीन दिवसीय इस बैठक (5 से 7 सितंबर) का मुख्य उद्देश्य विभिन्न सामाजिक, आर्थिक और राष्ट्रीय मुद्दों पर व्यापक विचार-विमर्श करना और आगामी शताब्दी वर्ष की तैयारियों को अंतिम रूप देना है। बैठक का उद्घाटन प.पू. सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत और मा. सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने भारत माता के चित्र के समक्ष पुष्पार्चन कर किया।
इस उच्च स्तरीय बैठक में 32 संगठनों के लगभग 320 पदाधिकारी भाग ले रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा भी इस बैठक में शामिल होने के लिए गुरुवार शाम को ही जोधपुर पहुंच गए थे, जो संघ और उसके सहयोगी संगठनों के बीच घनिष्ठ समन्वय का संकेत देता है। यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब देश एक नए सामाजिक और राजनीतिक दौर से गुजर रहा है, और संघ अपने 100वें स्थापना वर्ष के करीब है।
प्रमुख मुद्दों पर व्यापक विचार-विमर्श
यह बैठक मुख्य रूप से पांच व्यापक विषयों पर केंद्रित है, जिन पर सभी संगठनों के प्रतिनिधि अपने विचार और अनुभव साझा कर रहे हैं। इन विषयों में सामाजिक सद्भाव को बढ़ावा देना, पारिवारिक संस्था को मजबूत करना, पर्यावरण-अनुकूल जीवनशैली को प्रोत्साहित करना, आत्मनिर्भरता की संरचनाओं को मजबूत करना और नागरिकों के कर्तव्यों की पूर्ति शामिल हैं। इन विषयों पर गहन चर्चा से यह उम्मीद की जा रही है कि संघ और उसके सहयोगी संगठन समाज के विभिन्न वर्गों को जोड़ने और राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका को और प्रभावी ढंग से निभा सकेंगे।

बैठक में विभिन्न संगठनों द्वारा किए गए कार्यों की वार्षिक रिपोर्ट भी प्रस्तुत की जा रही है, जिसमें उनके द्वारा किए गए कार्यों, अनुभवों और उपलब्धियों पर प्रकाश डाला जा रहा है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) जो छात्रों के बीच काम करती है, भारतीय किसान संघ जो किसानों के लिए कार्यरत है, भारतीय मजदूर संघ जो श्रमिकों के बीच सक्रिय है, विद्या भारती जो शिक्षा क्षेत्र में काम कर रही है और सक्षम जो दिव्यांगों के कल्याण के लिए समर्पित है, जैसे प्रमुख संगठन इस बैठक में भाग ले रहे हैं। इन संगठनों के प्रतिनिधि अपने-अपने क्षेत्रों की जमीनी हकीकत और चुनौतियों को साझा कर रहे हैं।
क्षेत्रीय स्थिति और शिक्षा नीति पर समीक्षा
बैठक में देश के विभिन्न हिस्सों, विशेषकर पंजाब, पश्चिम बंगाल, असम और पूर्वोत्तर के जनजातीय क्षेत्रों की सामाजिक और आर्थिक स्थिति पर भी गहन चर्चा हो रही है। इन क्षेत्रों की विशिष्ट चुनौतियों और अवसरों को समझने के लिए जमीनी स्तर पर काम कर रहे प्रतिनिधियों के अनुभव महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। इसके साथ ही, केंद्र सरकार की राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) पर भी समीक्षा की जा रही है। संघ से जुड़े शिक्षा क्षेत्र के संगठन इस बात पर मंथन कर रहे हैं कि नीति को लागू करने और शिक्षा क्षेत्र को एक सकारात्मक दिशा देने के लिए आगे क्या कदम उठाए जा सकते हैं।
इसके अलावा, जनजातीय समुदायों को मुख्यधारा से जोड़ने के प्रयासों और उनके बीच हो रहे सकारात्मक सामाजिक बदलावों का भी मूल्यांकन किया जा रहा है। संघ के पदाधिकारी यह मानकर चलते हैं कि जनजातीय समाज का विकास और राष्ट्र की मुख्यधारा में उनका एकीकरण एक महत्वपूर्ण कार्य है, और इस पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।
शताब्दी वर्ष की भव्य तैयारियां
बैठक का एक सबसे महत्वपूर्ण एजेंडा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष (2025-26) की तैयारियों पर केंद्रित है। आरएसएस 2025 में अपनी स्थापना के 100 वर्ष पूरे करने जा रहा है, और इस अवसर को भव्य तरीके से मनाने की योजना है। शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों की शुरुआत 2 अक्टूबर 2025, विजयदशमी के दिन नागपुर में होगी, जहाँ सरसंघचालक का मार्गदर्शन मिलेगा।
इस दिन से देश भर के स्वयंसेवक मंडल, गांव और बस्ती स्तर पर पूर्ण गणवेश में विजयदशमी का उत्सव मनाएंगे। पूरे शताब्दी वर्ष के दौरान, संघ ने देश भर में हिन्दू सम्मेलन, घर-घर संपर्क अभियान, सद्भाव बैठकें, प्रमुख नागरिकों के बौद्धिक समागम और युवा कार्यक्रम आयोजित करने की योजना बनाई है। यह सभी कार्यक्रम समाज के हर वर्ग तक पहुंचने और संघ के विचारों को फैलाने के उद्देश्य से आयोजित किए जाएंगे।




