रायपुर। विधानसभा (Legislative Assembly) में कांग्रेस के विधायकों ने बलरामपुर जिले में हुए सामूहिक दुष्कर्म मामले को उठाया। विधानसभा में स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव और विधायक (MLA) बृहस्पति सिंह ने सामूहिक दुष्कर्म मामले में आरोप लगाया कि इस पूरे प्रकरण में पुलिस का रवैय्या बेहद गैरजिम्मेदाराना रहा। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (Chief Minister Bhupesh Baghel) ने तत्काल कार्यवाही (Proceedings) करते हुए 7 पुलिस अफसरों को सस्पेंड कर दिया।
ऐसे गुनाह बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे: सीएम
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि ये एक बेहद संवेदनशील मामला है। उन्होंने कहा कि इस मामले में अगर अधिकारियों का भी गुनाह बर्खास्त करने लायक होगा तो उनको भी बर्खास्त किया जाएगा।
क्या था पूरा मामला:
दरअसल बलरामपुर जिले के टांगरमहरी गांव में 12 वर्षीय एक नाबालिग लड़की के साथ गैंगरेप का मामला सामने आया। पुलिस ने मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं अन्य आरोपी अभी भी फरार बताए जा रहे हैं। इस मामले में परिजनों का आरोप था कि थाने में सुबह से लेकर शाम तक बैठे रहने के बाद भी उनकी रिपोर्टं नहीं लिखी गई। इसके बाद पीड़िता के परिजनों ने स्थानीय विधायक के पास जाकर गुहार लगाई। विधायक के थाने पहुँचने के बाद मामले में रिपोर्ट दर्ज की गई ।
विधायक के संज्ञान लेने के बाद जागा विभाग:
विधायक के मामले को संज्ञान में लेने के बाद आईजी ने टीआई सहित पुलिस कर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया। ऐसे में अब इसकी धमक विधानसभा में भी सुनने को मिली। तो वहीं मुख्यम़ंत्री भूपेश बघेल की कार्यवाही से पूरे महकमें में हड़कंप मचा हुआ है।




