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PMCHCrisis पर बवाल : 85 Surgeries Postponed; हड़ताल खत्म, लेकिन स्वास्थ्य व्यवस्था पर बड़ा सवाल!

HEALTH ALERT: दो दिन तक OPD बंद रहने से 2500+ Patients बिना इलाज लौटे; 24x7 पुलिस तैनाती के आश्वासन पर जूनियर डॉक्टर काम पर लौटे

पटना: राजधानी के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल पीएमसीएच (PMCH) में जूनियर डॉक्टरों की दो दिवसीय हड़ताल से स्वास्थ्य सेवाएँ पूरी तरह चरमरा गईं। गुरुवार की शाम पांच बजे इमरजेंसी वार्ड में 24 घंटे पुलिस की तैनाती के आश्वासन के बाद आखिरकार जूनियर डॉक्टर काम पर लौट आए। हड़ताल खत्म होने के बाद मरीजों और परिजनों ने राहत की सांस ली।

■ 85 ऑपरेशन टले, ओपीडी में 2500 से ज्यादा मरीज लौटे

जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल के कारण पूरे अस्पताल का संचालन ठप रहा। सीनियर डॉक्टरों ने प्रयास किए, लेकिन बढ़ते मरीजों की संख्या के आगे उनकी कोशिश नाकाफी रही।

दो दिनों में इसका बड़ा असर सामने आया:

112 में से 85 निर्धारित ऑपरेशन टालने पड़े
सिर्फ 27 मरीजों की सर्जरी हो पाई
ओपीडी पूरी तरह बंद, 2500 से अधिक मरीज बिना इलाज लौट गए
इमरजेंसी में भर्ती 50+ मरीज दूसरे अस्पताल चले गए
ICU में भर्ती करने की जरूरत वाले कई मरीजों की हालत बिगड़ी
हड़ताली डॉक्टरों ने इमरजेंसी काउंटर व सेंट्रल रजिस्ट्रेशन तक को बंद करा दिया, जिससे अस्पताल में मौजूद भर्ती मरीज भी मुश्किलों में पड़ गए।

■ हड़ताल की वजह: मरीज के परिजनों व डॉक्टरों में मारपीट

घटना की शुरुआत बुधवार को हुई, जब ब्रेन हेमरेज से पीड़ित 67 वर्षीय सुरेश सिंह की मौत के बाद उनके परिजनों और जूनियर डॉक्टरों के बीच मारपीट हो गई।
इस घटना के विरोध में जूनियर डॉक्टरों ने तत्काल हड़ताल की घोषणा कर दी।

■ इमरजेंसी में अराजक स्थिति, मरीजों का पलायन

डॉक्टरों की अनुपस्थिति से इमरजेंसी वार्ड में हालात बिगड़ गए। कई गंभीर मरीजों के परिजन परेशान होकर उन्हें दूसरे अस्पतालों में ले गए। गया के उमेश कुमार, बक्सर के विकास और अन्य मरीज इलाज न मिलने पर अस्पताल छोड़कर चले गए। परिजनों के अनुसार, 10 से अधिक मरीज बुधवार देर रात ही चले गए, जबकि अगले दिन भी मरीजों का निकलना जारी रहा।

■ ओपीडी और जांच सेवाएं पूरी तरह ठप

गुरुवार सुबह 8.30 बजे जूनियर डॉक्टर परिसर में आ गए और जैसे ही ओपीडी और रजिस्ट्रेशन काउंटर खुले, उन्होंने कर्मचारियों को बाहर निकालकर ताला लगा दिया।
इसके कारण: पर्चा कटना बंद, लाइन में खड़े मरीजों का हंगामा, कोई जांच—ECG, Echo, TMT—नहीं हो पाई, ओपीडी में मरीजों का भारी नुकसान हुआ।

■ दूसरे अस्पतालों पर बढ़ा दबाव

पीएमसीएच बंद होने से हजारों मरीजों को शहर के अन्य अस्पतालों की ओर रुख करना पड़ा।
इन अस्पतालों में ओपीडी लोड बढ़ गया:IGIMS, न्यू गार्डिनर रोड अस्पताल, एलएनजेपी, पटना एम्स, NMCH।

क्या कहते हैं पीएमसीएच अधीक्षक?

अधीक्षक डॉ. आईएस ठाकुर ने कहा—

“इमरजेंसी में परेशानी न हो, इसके लिए सीनियर डॉक्टरों की ड्यूटी लगा दी गई थी। जूनियर डॉक्टरों के साथ प्रिंसिपल चैंबर में बैठक कर मांगें मानने का आश्वासन दिया गया। टाली गई सर्जरी को प्राथमिकता के आधार पर जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।”

■ पीएमसीएच मारपीट मामला: दोनों पक्षों ने कराया केस दर्ज

पीरबहोर थाने को:
पीड़ित अमन की ओर से लिखित शिकायत। डॉक्टर पक्ष की ओर से भी शिकायत। दोनों आधार पर केस दर्ज कर पुलिस जांच कर रही है।

थानेदार सज्जाद गद्दी के अनुसार: सीसीटीवी फुटेज की जांच की जाएगी। दोषी पक्ष पर कार्रवाई होगी। अस्पताल प्रशासन से सहयोग लिया जा रहा है।

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