छठ महापर्व का अंतिम दिन आज, श्रद्धालुओं ने उगते सूर्य को अर्घ्य देकर की सुख-समृद्धि की कामना
रायपुर। Chhath Puja 2025: देश भर में लोक आस्था का महापर्व छठ पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया गया। खरना के साथ ही व्रती महिलाओं के 36 घंटे का निर्जला उपवास रखा। वहीं छठ पर्व के तीसरे दिन कल बड़ी संख्या में व्रती महिलाएं डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य देने के लिए घाटों पर पहुंची और शाम का अर्घ्य दिया। छठ पर्व की मान्यता है कि डूबते सूर्य को अर्घ्य देने से जीवन की तमाम मुश्किलें आसान होती हैं और परिवार में सुख-समृद्धि का आगमन होता है। वहीं आज छठ पूजा का अंतिम दिन रहा, जिसमें श्रद्धालु उगते सूरज को अर्घ्य दिया और सुख-समृद्धि की कामना की। आज के दिन का विशेष महत्व है, क्योंकि इसी दिन व्रती 36 घंटे के निर्जला उपवास के बाद उगते सूर्य को अर्घ्य देकर अपना व्रत पूर्ण करती हैं।
छठ पूजा के आखिरी दिन उगते सूरज को अर्घ्य देने के लिए देशभर के विभिन्न घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। पटना, दिल्ली, मुंबई और अन्य शहरों में छठ पूजा की धूम रही। व्रती और श्रद्धालु सूर्यदेव और छठी मैया की आराधना की और अपने परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की।
Chhath Puja 2025: छठ पूजा एक महत्वपूर्ण हिंदू पर्व है, जो सूर्यदेव और प्रकृति की पूजा के लिए जाना जाता है। इस पर्व का उद्देश्य परिवार की सुख-समृद्धि और मंगल की कामना करना है। छठ पूजा के दौरान व्रती 36 घंटे का निर्जला उपवास रखते हैं और सूर्यदेव को अर्घ्य देते हैं। आज के दिन का विशेष महत्व है, क्योंकि यह छठ पूजा के चार दिनों के महापर्व का अंतिम दिन है। इस दिन व्रती उगते सूर्य को अर्घ्य देकर अपना व्रत पूर्ण करती हैं और अपने परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करती हैं।




