
धमदाहा (पूर्णिया): 70 दिन बाद बरामद हुई अपहृत छात्रा धमदाहा थाने से ही रहस्यमय ढंग से गायब हो गई। इस घटना ने पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामले में ड्यूटी पर तैनात एक महिला पुलिसकर्मी को निलंबित कर दिया गया है, जबकि नाबालिग की दोबारा बरामदगी के लिए छापेमारी जारी है।
कैसे हुई पूरी घटना
जानकारी के अनुसार, बीते 28 मई को धमदाहा थाना क्षेत्र के एक गांव से नाबालिग छात्रा अचानक लापता हो गई थी। परिजनों ने हरिणकोल गांव निवासी सूरज कुमार समेत छह लोगों पर अपहरण का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
करीब 70 दिन बाद 9 अगस्त की सुबह छात्रा को बरामद किया गया। खबर मिलते ही परिजन थाने पहुंचे और अपनी बेटी से संक्षिप्त बातचीत भी की। लेकिन कुछ ही देर बाद पुलिस ने हैरान करने वाली सूचना दी कि छात्रा थाने से गायब हो गई है।
परिजनों के आरोप
परिजनों ने आरोप लगाया कि यह घटना पुलिस की लापरवाही और आरोपित से मिलीभगत का नतीजा है। उनका कहना है कि पुलिस ने जानबूझकर छात्रा को कोर्ट में पेश नहीं किया और आरोपित के दबाव में उसे थाने से निकलवा दिया। उन्होंने वरीय अधिकारियों से लिखित शिकायत कर बेटी की सकुशल बरामदगी की मांग की है।
थानाध्यक्ष सरोज कुमार ने घटना को गंभीर मानते हुए बताया कि ड्यूटी पर मौजूद महिला पुलिसकर्मी को निलंबित कर दिया गया है। नाबालिग की बरामदगी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।




