बीपीएससी परीक्षा में बड़ा बदलाव: सहायक प्रशाखा पदाधिकारी की परीक्षा होगी ‘ओपन बुक सिस्टम’ से
अभ्यर्थी ले जा सकेंगे तीन किताबें, गाइड-फोटोकॉपी पर रोक; निगेटिव मार्किंग नहीं

मुजफ्फरपुर. बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने अपनी परीक्षा प्रणाली में ऐतिहासिक बदलाव किया है। आयोग ने निर्णय लिया है कि 10 सितंबर को होने वाली सहायक प्रशाखा पदाधिकारी (AAO) परीक्षा अब ‘ओपन बुक सिस्टम’ के तहत कराई जाएगी। यानी अभ्यर्थी परीक्षा हॉल में कुछ किताबें लेकर जा सकेंगे।
आयोग का मानना है कि यह बदलाव परीक्षा की गुणवत्ता और पारदर्शिता बढ़ाएगा। अब उम्मीदवारों को केवल रटकर नहीं, बल्कि विषय की गहरी समझ के साथ प्रश्न हल करने होंगे।
क्या है ‘ओपन बुक सिस्टम’?
परीक्षार्थी तीन किताबें ले जा सकेंगे:
1️⃣ सामान्य ज्ञान के लिए
2️⃣ गणित के लिए
3️⃣ सामान्य विज्ञान के लिए
केवल मान्यता प्राप्त बोर्ड (NCERT, BSEB, ICSE आदि) की किताबें मान्य होंगी। किसी भी प्रकार की गाइड, फोटोकॉपी या हस्तलिखित नोट्स पूरी तरह प्रतिबंधित हैं। किताबों पर अभ्यर्थी का नाम और रोल नंबर लिखना अनिवार्य होगा। परीक्षा के दौरान किताबों का आदान-प्रदान सख्त वर्जित रहेगा।
परीक्षा के नियम व विशेष निर्देश
परीक्षा सुबह 11 बजे से शुरू होगी। अभ्यर्थियों को सुबह 10 बजे तक परीक्षा केंद्र में प्रवेश करना होगा। इस परीक्षा में निगेटिव मार्किंग नहीं होगी। परीक्षा हॉल में मोबाइल, कैलकुलेटर, स्मार्टवॉच, ब्लूटूथ और किसी भी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा। नियमों का उल्लंघन करने पर अभ्यर्थी अगले पांच वर्षों तक BPSC की किसी भी परीक्षा से वंचित रहेंगे।
क्यों खास है यह बदलाव?
विशेषज्ञों का मानना है कि ‘ओपन बुक सिस्टम’ से याद करने की बजाय समझने और लागू करने की क्षमता की जांच होगी। इससे परीक्षा का स्तर भी ऊंचा होगा और अभ्यर्थियों के भीतर कंसेप्ट क्लैरिटी बढ़ेगी।




