राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने की छत्तीसगढ़ की जमकर तारीफ कहा,छत्तीसगढ़ के लोग बहुत अच्छे,छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया.

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज एक दिवसीय छत्तीसगढ़ दौरे पर रही और छत्तीसगढ़ विधानसभा के रजत जयंती समारोह में शामिल हुई। छत्तीसगढ़ विधानसभा में राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई. सबसे पहले विधानसभा अध्यक्ष रमन सिंह ने भाषण देते हुए राष्ट्रपति का स्वागत किया. विधानसभा अध्यक्ष ने छत्तीसगढ़ विधानसभा में मौजूद विधायकों के बारे में जानकारी दी. इसके साथ ही विधानसभा में पारित की गई योजनाओं की जानकारी दी।
वही राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि छत्तीसगढ़ को मातृ शक्ति का रूप कहा जा सकता हैं भारत की संसदीय परंपरा में छत्तीसगढ़ की मिनी माता का नाम हमेशा लिया जाता है. इस सदन में महिला विधायकों की संख्या ज्यादा है.राष्ट्रपति ने कहा “सदन में सभी विधायकों को विशेषकर महिला विधायकों को ये प्रयास करना चाहिए कि अगले विधानसभा में महिला विधायकों की संख्या में और इजाफा हो. छत्तीसगढ़ के 80 प्रतिशत लोग ग्रामीण क्षेत्रों में रहते हैं और उनका मुख्य कार्य कृषि है.राज्यों के कुछ अंचलों में महिलाओं की संख्या, पुरुषों की संख्या से ज्यादा है. जो गर्व की बात है.”
राष्ट्रपति ने कहा “वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित लोगों को समाज से जोड़ने का काम अंतिम और निर्णायक मोड पर है. मुझे विश्वास है कि छत्तीसगढ़ को नक्सलवाद से मुक्त करने में सफलता हासिल करेंगे और राज्य का नाम इतिहास में स्वर्णिम अक्षर में जोड़ेंगे. गुरु घासीदास के विचार मनखे मनखे एक समान पर काम करेंगे.”द्रौपदी मुर्मू ने अपने संबोधन के आखिर में कहा कि वह चरणदास महंत की बात से सहमत है कि संभलपुर को जैसे छत्तीसगढ़ का हिस्सा समझते हैं वैसे ही हम रायपुर को ओडिशा का हिस्सा मानते हैं. दिल की कोई दीवार नहीं है. दिल से हम सब एक जैसे हैं. छत्तीसगढ़ का चावल जगन्नाथ में चढ़ाया जाता है जिसे पूरे विश्व के लोग खाते हैं. छत्तीसगढ़ के लोग बहुत अच्छे हैं इसलिए कहा जाता है कि छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया.”






