झीरम घाटी हमले का मास्टरमाइंड नक्सली चैतू ने 10 साथियों संग किया सरेंडर, 25 लाख रुपए का था इनाम
जगदलपुर। Naxalite Surrender: छत्तीसगढ़ के बस्तर में ऐनक-झीरमघाटी नक्सली हमले का मास्टरमाइंड नक्सली नेता चैतू उर्फ श्याम दादा ने अपने साथ 10 अन्य नक्सलियों के साथ आत्मसमर्पण किया है। चैतू करीब 25 लाख के इनामी नक्सली था, जबिक अन्य पर कुल 65 लाख का इनाम था। बस्तर आईजी पी. सुंदरराज के सामने सभी नक्सलियों ने सरेंडर की औपचारिकता पूरी की। वहीं इस आत्मसमर्पण को लेकर बस्तर आईजी पी. सुंदरराज और एसपी शलभ कुमार सिन्हा प्रेस कांफ्रेंस में खुलासा करेंगे।
बता दें कि, इस हमले में 2013 में 30 कांग्रेस नेताओं की हत्या हुई थी और चैतू नक्सलियों की दरभा डिविज़न का इंचार्ज है। चैतू के साथ दूसरों नक्सलियों के आत्मसमर्पण की तैयारी होना सरकार की प्रभावी एंटी-नक्सल रणनीति और वार्ता का परिणाम है। बस्तर आईजी और एसपी खुद इसे मीडिया के सामने लेकर आ रहे हैं ताकि जानकारी सार्वजनिक हो सके और शांति प्रक्रिया को मजबूती मिले।
डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने दी प्रतिक्रिया
इस हमले की पृष्ठभूमि में 2013 के झीरम घाटी हमले में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता मारे गए थे, जिससे यह छत्तीसगढ़ के सबसे बड़े नक्सली हमलों में से एक माना जाता है। चैतू की इस आत्मसमर्पण के साथ नक्सलियों के प्रति सरकार की पकड़ और प्रयासों की सफलता दिखाई। इस आत्मसमर्पण को लेकर डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने ट्वीट कर कहा कि, जगदलपुर में आज दरभा डिवीजन के इंचार्ज और 25 लाख के इनामी नक्सली चैतू सहित 10 नक्सलियों ने हिंसा त्यागकर पुनर्वास अपनाया। मांझी, चालकी, गायता और पुजारी समाज ने इनको समाज में स्वीकार किया।
जगदलपुर में आज दरभा डिवीजन के इंचार्ज और 25 लाख के इनामी नक्सली चैतू सहित 10 नक्सलियों ने हिंसा त्यागकर पुनर्वास अपनाया। मांझी, चालकी, गायता और पुजारी समाज ने इनको समाज में स्वीकार किया।@narendramodi @AmitShah @BJP4India @BJP4CGState@blsanthosh @NitinNabin @ajayjamwalbjp… pic.twitter.com/k1Si7UJkxi
— Vijay sharma (@vijaysharmacg) November 28, 2025
सीएम साय ने किया ट्वीट
वहीं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भी अपने एक्स हैंडल पर ट्वीट कर कहा कि, सुशासन की सरकार ने बस्तर में शांति और समृद्धि की नई राह प्रशस्त की है। हमारी सरकार की “आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति 2025” तथा “पूना मारगेम : पुनर्वास से पुनर्जीवन” जैसी मानवीय और दूरदर्शी पहल ने बस्तर में विश्वास, सुरक्षा और स्थायी शांति का वातावरण स्थापित किया है।
माओवादी भ्रमजाल में फँसे अनेक लोग अब हिंसा का मार्ग छोड़कर विकास और मुख्यधारा की ओर लौट रहे हैं। इसी निरंतर अभियान के तहत आज 25 लाख के इनामी चैतू उर्फ श्याम दादा (दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी के वरिष्ठ सदस्य) सहित कुल 65 लाख रुपए के इनाम वाले 10 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है। यह बदलते बस्तर और सरकार की नीतियों की सफलता का स्पष्ट प्रमाण है।
Naxalite Surrender: सरकार की प्रतिबद्धता के अनुरूप सभी आत्मसमर्पित साथियों को सुरक्षित, सम्मानजनक और आत्मनिर्भर जीवन हेतु आवश्यक पुनर्वास सुविधाएँ प्रदान की जाएँगी। अब तक बड़ी संख्या में माओवादियों का मुख्यधारा में लौटना जनता के विश्वास और सरकार की प्रभावी रणनीति की बड़ी उपलब्धि है।
सुशासन की सरकार ने बस्तर में शांति और समृद्धि की नई राह प्रशस्त की है। हमारी सरकार की “आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति 2025” तथा “पूना मारगेम : पुनर्वास से पुनर्जीवन” जैसी मानवीय और दूरदर्शी पहल ने बस्तर में विश्वास, सुरक्षा और स्थायी शांति का वातावरण स्थापित किया है।
माओवादी…
— Vishnu Deo Sai (@vishnudsai) November 28, 2025



