बिजली पोल के अर्थिंग वायर की चपेट में आने से महिला की मौत, मुआवजे की मांग को लेकर NH 322 जाम
वैशाली के देसरी में दर्दनाक घटना, आक्रोशित ग्रामीणों ने शव उठाने से रोका; बीडीओ-सीओ के समझाने पर घंटों बाद हटा जाम, लोग परेशान
देसरी (वैशाली): बिहार के वैशाली जिले में बिजली विभाग की कथित लापरवाही ने एक बार फिर एक परिवार की खुशियां छीन लीं। देसरी थाना क्षेत्र के उफरौल गांव के पश्चिम टोला वार्ड एक में उस वक्त अफरातफरी मच गई, जब एक महिला की बिजली के पोल में लगे अर्थिंग वायर की चपेट में आने से दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने न केवल शव उठाने से रोक दिया, बल्कि राष्ट्रीय राजमार्ग 322 (NH 322) को घंटों तक जाम कर दिया, जिससे आवागमन पूरी तरह से ठप हो गया।
मृतका की पहचान 50 वर्षीय मीला देवी के रूप में की गई है, जो गांव के ही ललन सिंह की पत्नी थीं। बताया जाता है कि मीला देवी सुबह के समय अपने घर के पास गोबर हटा रही थीं। इसी दौरान वह बिजली के खंभे के बिल्कुल पास पहुंच गईं, जिसके अर्थिंग वायर में संभवतः लीकेज के कारण करंट प्रवाहित हो रहा था। अचानक वह उस तार की चपेट में आ गईं और जोरदार झटका लगने से मौके पर ही बेहोश होकर गिर पड़ीं। जब तक परिवार के लोग और आसपास के ग्रामीण कुछ समझ पाते, मीला देवी की मौके पर ही मौत हो चुकी थी। घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसर गया।
ग्रामीणों का आरोप है कि बिजली कंपनी की घोर लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ है। उन्होंने बताया कि कई बार शिकायत के बावजूद भी बिजली के तार और पोल की मरम्मत नहीं की गई थी, जिसके कारण आज यह दुखद घटना हुई। आक्रोशित ग्रामीणों ने तुरंत बिजली विभाग को सूचना देकर इलाके की बिजली कटवाई और विरोध में शव को सड़क पर रखकर एनएच 322 को पूरी तरह से जाम कर दिया। इस जाम के कारण सड़क के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे राहगीरों और यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
सूचना मिलते ही देसरी थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। लेकिन, गुस्साए लोग पुलिस की बात सुनने को तैयार नहीं थे। वे लगातार बिजली विभाग के अधिकारियों को मौके पर बुलाने और मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा देने की मांग पर अड़े रहे। ग्रामीणों के बढ़ते आक्रोश को देखते हुए बाद में बीडीओ और सीओ भी मौके पर पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने ग्रामीणों से बात की और उन्हें उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। करीब तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद अधिकारियों के समझाने पर ग्रामीण शांत हुए और जाम हटाया गया। इसके बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया।
मृतका मीला देवी के परिवार में दो पुत्र विक्रम कुमार व विकास कुमार और एक पुत्री है। इस घटना से पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना की सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचे जिला परिषद सदस्य मोहित पासवान, समाजसेवी पप्पू सिंह, संजय सिंह और दयानंद झा सहित कई लोगों ने दुख व्यक्त किया है। उन्होंने बिहार सरकार और बिजली विभाग से पीड़ित परिवार को जल्द से जल्द 20 लाख रुपए का मुआवजा देने की मांग की है, ताकि उनका जीवन यापन चल सके।




