
रायपुर : छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक और बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। इस मामले पर राज्य के उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने बड़ा बयान जारी करते हुए कहा कि कांग्रेस शासनकाल में करीब 2000 करोड़ रुपए का संगठित घोटाला किया गया, जिसे एक क्रिमिनल सिंडिकेट बनाकर अंजाम दिया गया था।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि ईडी की जांच अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुकी है और प्राप्त सबूतों के आधार पर गिरफ्तारी और संपत्ति अटैचमेंट की कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि इस मामले में महत्वपूर्ण खुलासे हुए हैं और जांच एजेंसी उसी दिशा में आगे बढ़ रही है।
उपमुख्यमंत्री अरुण साव के प्रमुख आरोप:
- “कांग्रेस सरकार के दौरान दो-दो काउंटरों से शराब बेची जा रही थी।”
- “नकली शराब और फर्जी होलोग्राम के जरिए खुला घोटाला किया गया।”
- “शराब माफिया को सत्ता का संरक्षण प्राप्त था और इसी से संगठित सिंडिकेट तैयार हुआ।”
- “यह पूरी तरह कानून का मामला है, इसका राजनीति से कोई लेना-देना नहीं है।”
उपमुख्यमंत्री ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि जनता के सामने यह घोटाला हुआ और अब जांच एजेंसियां कानूनी तरीके से इसकी सच्चाई सामने ला रही हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि इस घोटाले में जो भी लोग शामिल थे, वे जल्द ही कानून के शिकंजे में होंगे।
ईडी की अब तक की कार्रवाई:
- कई संपत्तियां अटैच की जा चुकी हैं।
- आरोपियों से पूछताछ का दौर जारी है।
- जांच जैसे-जैसे गहराई में जा रही है, नई गिरफ्तारियों की संभावना भी तेज हो गई है।
इस पूरे घोटाले की जांच और कार्रवाई से छत्तीसगढ़ की सियासत में हलचल मच गई है। अब सबकी नजरें ईडी की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं।




