बीजिंग: चीन ने विशाल सैन्य परेड में दिखाई ताकत, लेज़र हथियार और परमाणु मिसाइलें प्रदर्शन में शामिल
द्वितीय विश्व युद्ध में जापान पर जीत की 80वीं वर्षगांठ पर शक्ति-प्रदर्शन, पुतिन और किम समेत 26 विदेशी नेता मौजूद
बीजिंग: चीन ने बुधवार को अपनी बढ़ती सैन्य ताकत का प्रदर्शन करते हुए एक विशाल सैन्य परेड का आयोजन किया। इस परेड में चीन ने पहली बार अपने कुछ सबसे अत्याधुनिक हथियारों को दुनिया के सामने पेश किया, जिनमें लेज़र हथियार, परमाणु बैलिस्टिक मिसाइलें और विशाल अंडरवाटर ड्रोन शामिल हैं। यह आयोजन द्वितीय विश्व युद्ध में जापान पर चीन की जीत की 80वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में किया गया था, जिसमें 26 विदेशी नेताओं ने भाग लिया।
प्रमुख नेताओं का जमावड़ा

इस ऐतिहासिक परेड में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग-उन, और ईरान, मलेशिया, म्यांमार जैसे कई देशों के प्रमुख शामिल हुए। भारत के पड़ोसी देशों में से पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ, नेपाल के प्रधानमंत्री के.पी. शर्मा ओली और मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू भी इस परेड में मौजूद थे। चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और उनकी पत्नी पेंग लियुआन ने इन सभी मेहमानों का स्वागत किया।

किम जोंग-उन, जो 2019 के बाद पहली बार चीन की यात्रा पर आए हैं, अपनी बेटी किम जू ए के साथ ट्रेन से बीजिंग पहुंचे थे। उनकी यह यात्रा रूस के साथ करीबी संबंध स्थापित करने के प्रयासों के बीच चीन और उत्तर कोरिया के बीच दरार की अफवाहों को भी खारिज करती है।
अमेरिका को कड़ा संदेश
बीजिंग में शी, पुतिन और किम की एक साथ उपस्थिति को अमेरिका और उसके राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लिए एक कड़ा संदेश माना जा रहा है। इस दौरान, ट्रंप ने सोशल मीडिया पर शी जिनपिंग को लेकर तीखी टिप्पणी भी की, जिसमें उन्होंने लिखा, “जब आप अमेरिका के खिलाफ साजिश रच रहे हों, तो कृपया व्लादिमीर पुतिन और किम जोंग-उन को मेरी शुभकामनाएं दें।”
जापान के साथ कूटनीतिक तनाव
इस परेड ने जापान और चीन के बीच कूटनीतिक तनाव को भी बढ़ा दिया है। जापान ने विश्व के नेताओं से इस कार्यक्रम में भाग न लेने का आग्रह किया था। इसके जवाब में, चीन ने जापान के इस अनुरोध पर कूटनीतिक विरोध दर्ज कराया है। चीन का यह कदम अपनी वैश्विक शक्ति और सैन्य प्रभाव को बढ़ाने की शी जिनपिंग की छवि को मजबूत करने का एक प्रयास भी माना जाता है।
हथियारों का अभूतपूर्व प्रदर्शन
चीन की सेना, पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए), जो आमतौर पर अपने हथियारों को गुप्त रखती है, ने पहली बार अपने अत्याधुनिक हथियारों का सार्वजनिक प्रदर्शन किया। पीएलए का दावा है कि ये हथियार अमेरिकी सेना के हथियारों से मेल खाते हैं। इस आयोजन में बड़ी संख्या में देशी-विदेशी पत्रकारों को भी भारी सुरक्षा के बीच आमंत्रित किया गया था। इस परेड ने एक बार फिर चीन की बढ़ती सैन्य महत्वाकांक्षाओं और वैश्विक मंच पर उसकी मजबूत होती स्थिति को उजागर किया है।




