फटे पर्दे का फंदा बनी मासूम की खेल की दुनिया, आंगनबाड़ी केंद्र में मौत
समस्तीपुर के कल्याणपुर में खेलते-खेलते गई आठ साल की लक्ष्मी की जान, ग्रामीणों में आक्रोश
कल्याणपुर(समस्तीपुर) : चकमहेसी थाना क्षेत्र के कलौजर पंचायत के छोटी सलहा गांव स्थित आंगनबाड़ी केंद्र पर बच्चों की हंसी गूंज रही थी। इसी दौरान 8 वर्षीय लक्ष्मी कुमारी—जो अपने पिता की उम्मीदों का चिराग थी—खेलते-खेलते केंद्र के गेट पर लगे फटे पर्दे में गर्दन डाल बैठी। एक पल में खेल की दुनिया मातम में बदल गई; पर्दा फांसी का फंदा बन गया और मासूम की जान चली गई।
केंद्र की सेविका घटना के समय नहीं थी, सहायिका बच्चों को बुलाने में व्यस्त। लक्ष्मी अपनी छोटी बहन वैष्णवी के साथ आई थी। हादसा होते ही गांव में मातम छा गया, मां-पिंकी देवी और चाची रीता देवी का रो-रोकर बुरा हाल। दादी सुमित्रा देवी बार-बार कह रहीं थीं—”छोटे बच्चों पर ध्यान नहीं दिया गया, इसी कारण यह अनहोनी हुई।”
पुलिस तुरन्त मौके पर पहुंची, शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा और कार्रवाई शुरू की। ग्रामीणों में आक्रोश था, सभी का एक ही सवाल—सरकारी तंत्र बच्चों की सुरक्षा के प्रति इतनी लापरवाह क्यों? थाना अध्यक्ष मनीष कुमार ने बताया कि पुलिस अपनी तरफ से जांच कर रही है, आवेदन मिलने के बाद आगे कदम उठाया जाएगा।
यह हादसा सिर्फ एक परिवार की पीड़ा नहीं, बल्कि पूरी व्यवस्था के लिए चेतावनी है कि बच्चों की सुरक्षा प्राथमिकता होनी चाहिए। आंगनबाड़ी जैसी जगहों पर, जहां बच्चे खेलते और सीखते हैं, वहां हर छोटी लापरवाही मायने रखती है।




