शख्स को अस्पताल ले जाने के लिए छात्रों ने चुराई थी जज की कार, HC ने दी जमानत

मध्य प्रदेश। एक शख्स को अस्पताल ले जाने के लिए जज की कार चुराने वाले दो स्टूडेंट्स का हाईकोर्ट ने जमानत दी। दोनों स्टूडेंट्स के खिलाफ चोरी का केस दर्ज किया गया था। जस्टिस सुनीता यादव और जस्टिस अमर नाथ केशरवानी की डिवीजन बेंच ने अपने आदेश में कहा कि आरोपियों को 50 हजार रुपये के निजी बॉन्ड भरने की शर्त पर रिहा किया जाए। इसके साथ ही आरोपियों को ट्रायल कोर्ट की संतुष्टि के लिए समान राशि की दो स्थानीय सॉल्वेंट जमानतदार पेश करना होगा।
क्या है पूरा मामला?
दोनों स्टूडेंट्स अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के कार्यकर्ता थे। चोरी के इल्जाम में दोनों को ग्वालियर रेलवे स्टेशन पर एक कांस्टेबल की शिकायत के आधार पर गिरफ्तार किया गया था। आरोप लगाया था कि 11 दिसंबर को लगभग 3:45 बजे, कुछ अज्ञात व्यक्ति ट्रेन से उतरे और मरीज के लिए एम्बुलेंस बुलाई थी। हालांकि एंबुलेंस आने से पहले आरोपी ने रेलवे स्टेशन पर खड़ी सरकारी गाड़ी के ड्राइवर से जबरदस्ती चाबी ले ली और मरीज को अस्पताल ले गया। कथित तौर पर मरीज की हृदय गति रुकने से मौत हो गई।
आरोपियों के वकील ने दलील दी कि चूंकि पुलिस पहले ही कार बरामद कर चुकी है, इसलिए हिरासत में लेकर आगे पूछताछ की जरूरत नहीं है, क्योंकि उनका कोई आपराधिक इतिहास नहीं है। राज्य का प्रतिनिधित्व करने वाले वकील ने जमानत देने पर कोई आपत्ति नहीं जताई। इसके साथ हाईकोर्ट ने दोनों स्टूडेंट्स को जमानत दी।




