सत्ता की कुर्सी पत्नी की, आदेश पति के! जोन-3 में “पति राज” का खुला प्रदर्शन, महिलाओं के अधिकारों का हनन है ये-नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी
हिमांशु पटेल/ रायपुर। Raipur Zone-3: रायपुर नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष ने गंभीर मामला उठाया पत्नी निर्वाचित हुई लेकिन, पद मे राज कर रहे पति ये महिलाओ के अधिकारों का हनन है, BJP महिला उत्थान की बात करती है ये कैसा मनमानी है, दरअसल जोन क्रमांक 3 में जल संकट को लेकर बुलाई गई बैठक उस वक्त विवादों में घिर गई, जब बैठक की अध्यक्षता जोन अध्यक्ष साधना साहू के बजाय उनके पति और पूर्व पार्षद प्रमोद साहू करते नज़र आए।
हैरानी की बात यह रही कि, जोन अध्यक्ष साधना साहू और MIC सदस्य बैठक में मौजूद थे, लेकिन निर्णय और निर्देश प्रमोद साहू दे रहे थे। नगर निगम की प्रक्रिया और लोकतांत्रिक व्यवस्था पर सवाल तब और गहरे हो गए, जब सामने आया कि पूरे जोन में आठ से दस स्थानों पर जोन अध्यक्ष के बजाय पूर्व पार्षद प्रमोद साहू के नाम के बोर्ड लगे हुए हैं। पद पत्नी के पास, लेकिन नाम और दबदबा पति का। यह दृश्य जोन-3 में आम होता जा रहा है। जल जैसी गंभीर समस्या पर हो रही बैठक में इस तरह की भूमिका ने न सिर्फ प्रशासनिक मर्यादाओं को ठेस पहुंचाई, बल्कि महिला जनप्रतिनिधित्व पर भी सवाल खड़े कर दिए। विपक्ष ने इसे सीधे तौर पर “पर्दे के पीछे की सत्ता” करार दिया है।
Raipur Zone-3: नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी ने पूर्व पार्षद प्रमोद साहू पर तानाशाही रवैये का आरोप लगाते हुए कहा कि, जोन में लोकतंत्र नहीं, बल्कि व्यक्तिगत वर्चस्व चल रहा है। उल्लेखनीय है कि प्रमोद साहू स्वयं पूर्व पार्षद और जोन अध्यक्ष रह चुके हैं, लेकिन वर्तमान में कोई संवैधानिक पद न होने के बावजूद वे सत्ता के केंद्र में दिख रहे हैं। अब सवाल साफ है- जोन चला कौन रहा है, चुनी हुई अध्यक्ष या उनके पति?





