नेपाल संकट का असर भारत सीमा तक: जोगबनी बॉर्डर पर हिंसा, भंसार कार्यालय जलाया गया
विराटनगर से फैला आंदोलन अब अररिया तक पहुंचा, जोगबनी सीमा सील, डीएम-एसपी मौके पर पहुंचे

अररिया (बिहार): नेपाल में सोशल मीडिया बैन से शुरू हुआ जेनजी आंदोलन अब भारत-नेपाल सीमा तक पहुंच गया है। सोमवार को नेपाल के विराटनगर से शुरू हुए इस विरोध ने मंगलवार को जोगबनी बॉर्डर पर हिंसक रूप ले लिया। प्रदर्शनकारियों ने सीमा से सटे रानी भंसार कार्यालय को आग के हवाले कर दिया और जगह-जगह टायर जलाकर सड़क जाम किया। इस दौरान कई स्थानों पर पत्थरबाजी हुई। हालांकि भारतीय सीमा पर तैनात एसएसबी जवानों ने सतर्कता दिखाते हुए तीन-चार लेयर की सुरक्षा घेराबंदी कर हालात नियंत्रित कर लिए।
सीमा से लगे बाज़ार बंद
तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने सीमा से लगे दुकानों को बंद करा दिया। ठेला-खोमचा लगाने वालों को 100 मीटर तक हटा दिया गया। सीमा पर अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात कर दिया गया है।
नेपाल में हिंसा और लूटपाट
विराटनगर में प्रदर्शनकारियों ने सभी सरकारी दफ़्तरों और भवनों को आग के हवाले कर दिया। भंसार राजस्व वसूली गुमटी भी जला दी गई। कई नेताओं और मंत्रियों के घरों में तोड़फोड़ की गई, जबकि भीड़ ने “देश चोर गद्दी छोड़” और “हत्यारी सरकार को फाँसी दो” जैसे नारे लगाए।
प्रदर्शनकारियों ने कई बाइक और रिक्शों को आग के हवाले कर दिया तथा भाट-भटेनी मॉल को लूट लिया।
जोगबनी बॉर्डर सील
हिंसा बढ़ने पर प्रशासन ने जोगबनी बॉर्डर को पूरी तरह बंद कर दिया। भारत-नेपाल के बीच वाहनों का आवागमन रोक दिया गया है, सिर्फ आपातकालीन एंबुलेंस को रूट डायवर्ट कर जाने दिया जा रहा है। आम लोग दहशत में पैदल सीमा पार कर रहे हैं।
वरिष्ठ अधिकारियों का दौरा
देर शाम अररिया के डीएम अनिल कुमार, एसपी अंजनी कुमार और एसएसबी कमांडेंट शाश्वत कुमार जोगबनी सीमा पर पहुँचे और हालात का जायज़ा लिया। अधिकारियों ने मौके पर मौजूद टीमों को कई निर्देश दिए और स्थिति पर करीबी नज़र बनाए रखने को कहा।



