सलाखों मे बंद भाई की कलाई मे बहने बांध पाएंगी राखी,जेल में मिलेगी बहनों को भाइयों से मिलने की अनुमति, जानिए नियम कायदे!
Rakhi will be able to tie the brother's wrist in the bars, permission will be allowed to meet the sisters in jail, know the rules and rules

हिमांशु/रक्षाबंधन के पर्व पर इस बार भी सलाखों के पीछे कैद भाइयों की कलाइयों पर बहनों का प्यार सजेगा। अधीक्षक योगेश जलक्षत्रि ने बताया कि रायपुर केंद्रीय जेल समेत छत्तीसगढ़ के सभी जेलों में रक्षाबंधन का पर्व धूमधाम से मनाने की तैयारी पूरी कर ली गई है। पिछले साल की तरह इस साल भी कैदी अपने बहनों के साथ जेल परिसर में ही राखी का त्यौहार मना सकेंगे।

जेल प्रशासन ने त्योहार के सुचारू आयोजन के लिए विशेष नियम और सुरक्षा व्यवस्था लागू की है। कैदियों को राखी बांधने आने वाली बहनों और अन्य परिजनों की संख्या, आयोजन के दौरान होने वाले खर्च और सुरक्षा पहलुओं को ध्यान में रखते हुए निर्देश जारी किए गए हैं।

**सख्त नियमों के बीच मिलेगी प्रवेश की अनुमति**
त्योहार के दिन बहनें अपने भाइयों के लिए अधिकतम 100 ग्राम सूखी मिठाई और राखी लेकर आ सकेंगी। जेल प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया है कि लाए गए मिठाई और राखी की कड़ी जांच की जाएगी। जांच के बाद ही बहनों को जेल परिसर में प्रवेश मिलेगा। बिना जांच के कोई भी सामग्री अंदर ले जाने की अनुमति नहीं होगी।

इसके अलावा, रक्षाबंधन के अवसर पर बंदी के परिवार से केवल तीन लोगों को ही मिलने की अनुमति होगी। यह संख्या बहनों के साथ आने वाले अन्य स्वजनों को भी शामिल करती है। प्रशासन का कहना है कि सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह सीमा तय की गई है।
**त्योहार के माहौल में भी कड़ी निगरानी**
जेल परिसर में रक्षाबंधन के दिन सुरक्षा व्यवस्था और सख्त की जाएगी। प्रवेश द्वार पर अतिरिक्त पुलिस बल और जेलकर्मियों की तैनाती होगी। सभी आगंतुकों की पहचान पत्र के साथ जांच अनिवार्य होगी।अधीक्षक योगेश जलक्षत्रि ने बताया कि रक्षाबंधन केवल कैदियों और उनके परिवारों के बीच भावनात्मक जुड़ाव का अवसर ही नहीं, बल्कि समाज में आपसी भाईचारे और प्रेम का संदेश देने का भी मौका है। जेल प्रशासन चाहता है कि कैदी भी इस दिन अपने परिवार के साथ कुछ पल खुशी के बिता सकें, ताकि उनके मन में सकारात्मक सोच विकसित हो।इस पहल से सलाखों के पीछे भी रिश्तों की मिठास बरकरार रहेगी और रक्षाबंधन का पर्व भाई-बहन के अटूट बंधन को मजबूती देगा।
सुबह 8 से 12 बजे तक होंगी रजिस्ट्रेशन
जेल में बंद भाइयों को राखी बांधने पहुंची बहनों को पहले रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य होगा जो सुबह 8:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक रजिस्ट्रेशन होगा और शाम 4:00 बजे तक राखी बांधने की प्रक्रियाएं समाप्त कर ली जाएगी!




