शिव महापुराण कथा के 5वें दिन कथावाचक पंडित युवराज पांडे ने नगाड़े बजाकर गाया जसगीत, श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़

रायपुर। Shiva Mahapuran: ग्राम खिलोरा में आयोजित श्री शिव महापुराण कथा के पंचम दिवस में प्रसिद्ध कथावाचक पंडित युवराज पांडे ने शिवपुराण की कथा बताते हुए कहा कि भगवान शिव ने सती के साथ कुंभज ऋषि के आश्रम पहुंचकर भगवान शंकर पूर्ण लगन और तन्मयता के साथ राम कथा का श्रवण किए। लेकिन सती माता ने लगन के साथ कथा का श्रवण नहीं की।

कथा श्रवण कर वापस कैलाश जाते हुए वन में पहुंचने पर भगवान शिव ने अपने आराध्य राम का स्मरण किया और कहां की दर्शन हो जाता तो बहुत ही आनंद मिलता। इतने में भगवान राम पत्नी वियोग में वन वन भटकते हुए दिख गए। भगवान शंकर ने नारायण को देखकर प्रणाम किया, तब सती माता को आश्चर्य हुआ की साधारण नर को देखकर क्यों प्रणाम कर रहे हैं।

पंडित युवराज पांडे ने कहा कि सती माता ने भगवान नारायण की परीक्षा सीता माता बन कर ली, भगवान शंकर इसी कारण से सती का त्याग कर देते हैं। दक्ष प्रजापति के यज्ञ में शिव का स्थान छोड़कर आमंत्रण भी नहीं किए थे, उसके बावजूद भी सती यज्ञ में शामिल हो गई। सती, भगवान शिव के अपमान के चलते यज्ञ कुंड में कूदकर सती हो जाती है।

सती के शव को लेकर भगवान शंकर जगह जगह भ्रमण किया, भगवान नारायण सती के अंग को चक्र से टुकड़े किए, जहां पर 52 शक्तिपीठ का निर्माण हुआ। माता भद्रकाली के कथा प्रसंग में प्रकट के बाद पंडित युवराज पांडे ने जसगीत गाकर दशकों को भावविभोर कर दिए।

Shiva Mahapuran: वहीं दर्शकों की भारी भीड़ को देखकर आयोजक अग्रवाल परिवार द्वारा हर व्यवस्था को दुरुस्त किया जा रहा है बैठक व्यवस्था को भी बढ़ाया जा रहा है। भोजन व्यवस्था , वाहन व्यवस्था में विशेष रूप से ध्यान दिया जा रहा है ताकि किसी को कोई परेशानी ना हो भारत पाल ने बताया कि कल शिव विवाह के अवसर पर श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ेगी सभी व्यवस्था को सुदृढ़ किया जा रहा है।




