साइबर अपराध पर बड़ी कार्रवाई, नकली सर्टिफिकेट बनाने वाले गिरोह का भंडाफोड़
घंटाघर चौक स्थित सोनू साइबर कैफे में पुलिस की छापेमारी, 29 फर्जी सर्टिफिकेट, 15 मुहर और लाखों के उपकरण बरामद
भागलपुर : घंटाघर चौक स्थित सोनू साइबर कैफे में जाली सर्टिफिकेट बनाने वाले गिरोह का बिहार पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। भागलपुर साइबर थाना की टीम ने सूचना के आधार पर त्वरित कार्रवाई करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों में कैफे का संचालक मो शाहनवाज उर्फ सोनू सहित विभिन्न क्षेत्रों के लोग शामिल हैं।
पुलिस ने छापेमारी के दौरान कैफे से विभिन्न स्कूलों, बोर्डों और विश्वविद्यालयों के लगभग 29 नकली सर्टिफिकेट, 15 मुहर, 6 कंप्यूटर सीपीयू, 3 लैपटॉप, 7 मॉनिटर और करीब 40,700 रुपये नकद बरामद किए हैं। यह गिरोह अपने कंप्यूटर के माध्यम से प्रमाणपत्र बनाकर युवाओं को बेकार सर्टिफिकेट उपलब्ध करा रहा था, जो सोशल मीडिया और नौकरी-रोजगार में इस्तेमाल किए जा रहे थे।
भागलपुर पुलिस ने इस गिरोह के खिलाफ संपूर्ण छानबीन शुरू कर दी है। इस कार्रवाई के पीछे पुलिस पदाधिकारी खुद ग्राहक बनकर नकली सर्टिफिकेट बनाए जाने की शिकायत की पुष्टि करने पहुँचे थे। एसएसपी हृदय कांत के निर्देश पर एसपी सिटी शुभांक मिश्रा और साइबर डीएसपी कनिष्क श्रीवास्तव के नेतृत्व में कार्यवाही की गई। इस कार्रवाई में अतिरिक्त पुलिस अधिकारी और सिपाही भी शामिल थे।
यह गिरोह नकली सर्टिफिकेट के माध्यम से लोगों को धोखा देने के साथ-साथ कानून का उल्लंघन कर रहा था, जो कि साइबर अपराध की श्रेणी में आता है। बिहार पुलिस ने इस घटना के बाद साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए सतर्कता बढ़ा दी है और आम जनता को भी जागरूक करने की पहल की है।
इस मामले में पुलिस ने उजागर किया है कि साइबर अपराध के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर झूठे सर्टिफिकेट बनाने से जुड़े गिरोह को नियंत्रित किया जाएगा ताकि लोग निष्पक्ष रूप से अपनी योग्यता के आधार पर ही रोजगार व अवसर प्राप्त कर सकें।
यह घटना बिहार में साइबर अपराध के बढ़ते मामलों के बीच पुलिस की सफल कार्रवाई के रूप में देखी जा रही है, जो अन्य क्षेत्रीय और ऑनलाइन अपराधों को भी नियंत्रित करने का उदाहरण बनेगी।




