धनतेरस पर इस विधि से करें पूजा, बरसेगी भगवान धन्वंतरि और कुबेर देव की कृपा
Dhanteras Puja Vidhi: धनतेरस का त्योहार हर साल कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को मनाया जाता है। इस दिन भगवान धन्वंतरि, माता लक्ष्मी और कुबेर देवता की पूजा करने का विधान होता है। कहा जाता है की आज के दिन विधिपूर्वक पूजा करने से अरोग्य की प्राप्ति होती है। ऐसे में इस बार 18 अक्टूबर, शनिवार के दिन धनतेरस का त्योहार मनाया जाएगा। तो चलिए जानते हैं क्या है इसकी पूजा विधि।
पूजा का शुभ मुहूर्त
पूजा करने का शुभ मुहूर्त 18 अक्टूबर को शाम के वक्त 5 बजकर 4 मिनट से लेकर 6 बजकर 35 मिनट तक रहेगा। चौघाड़िया में यानी शाम को 6 बजकर 41 मिनट से लेकर 7 बजकर 38 मिनट के बीच में भी पूजा की जा सकती है। वहीं पूजा मुहूर्त शाम 7 बजकर 16 मिनट से रात 9 बजकर 11 मिनट तक रहेगा। इस समय में आप पूजा कर सकते हैं।
सोना-चांदी खरीदने का शुभ मुहूर्त
धनतेरस पर सोने-चांदी की खरीदारी का शुभ मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 18 मिनट से शुरू हो रहा है और आप रात तक इसकी खरीदारी कर सकते हैं।
इन चीजों की खरीदारी करना होगा शुभ
धनतेरस पर सोने-चांदी के आभूषण, बर्तन, लक्ष्मी-गणेश जी की प्रतिमा, नमक, धनिया के बीज, बताशे-खिलौने आदि चीजों की खरीदारी करनी चाहिए।
पूजा विधि
धनतेरस के दिन माता लक्ष्मी, भगवान धन्वंतरि और कुबेर देव की पूजा करनी चाहिए। इन मूर्ति या तस्वीर को पूजा स्थल पर स्थापित करें। पूजा के लिए सबसे सही दिशा उत्तर-पूर्व दिशा को माना जाता है इसी दिशा में पूजा करनी चाहिए। इसके बाद दीपक जलाकर माता लक्ष्मी के साथ ही भगवान धन्वंतरि और कुबेर देव की पूजा करें। पूजा में अक्षत, हल्दी, फूल, मिष्ठान आदि अर्पित करें। इसके बाद मंत्रों का जप करें। अंत में आरती के बाद पूजा की समाप्ति करें और प्रसाद का वितरण करें।




