वैशाली में पुलिस हिरासत में आरोपी की मौत, परिजनों ने लगाया पिटाई का आरोप; इलाके में तनाव
आइसक्रीम खाने को लेकर शुरू हुए विवाद ने लिया हिंसक रूप, पुलिस टीम पर हमला, कई अधिकारी घायल; हिरासत में युवक की मौत से भड़का गुस्सा
हाजीपुर (वैशाली). बिहार के वैशाली जिले में पुलिस हिरासत में एक आरोपी की मौत के बाद हालात तनावपूर्ण हो गए हैं। मृतक की पहचान मोहम्मद नासिर शाह के रूप में हुई है। परिजनों और ग्रामीणों का आरोप है कि युवक की मौत पुलिस पिटाई से हुई है। वहीं पुलिस प्रशासन का कहना है कि हिरासत में तबीयत बिगड़ने के बाद आरोपी को अस्पताल ले जाया गया था, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
विवाद से शुरू हुई हिंसा
शुक्रवार देर रात राजापाकर थाना क्षेत्र के चौसिमा कल्याणपुर गांव में आइसक्रीम के 40 रुपये को लेकर विवाद शुरू हुआ। यह झगड़ा इतना बढ़ गया कि राजापाकर थाना सहित कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची।
लेकिन स्थिति संभलने के बजाय बिगड़ गई और स्थानीय लोग पुलिस से भिड़ गए। झड़प में महुआ थानाध्यक्ष राजेश रंजन, महिला कांस्टेबल तरंजना कुमारी, एएसआई संजीव पासवान, एएसआई मिथिलेश कुमार, राजापाकर थाना प्रभारी धर्मेंद्र कुमार, कांस्टेबल दीपक कुमार और स्थानीय चौकीदार कर्पूरी पासवान सहित कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। इनमें से कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है और उन्हें ICU में भर्ती कराया गया है।
गिरफ्तारी और कस्टडी में मौत

पुलिस ने घटना के बाद पांच लोगों को हिरासत में लिया। इनमें से एक आरोपी मोहम्मद नासिर शाह की रविवार को महुआ थाना हाजत में हालत बिगड़ गई। उसे महुआ अनुमंडल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
मौत की खबर फैलते ही परिजनों और ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। उनका आरोप है कि पुलिस ने हिरासत में बेरहमी से पिटाई की, जिससे मौत हुई।
अस्पताल और गांव में तनाव
मृतक का शव हाजीपुर सदर अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए लाया गया। अस्पताल परिसर को पुलिस छावनी में बदल दिया गया है। SDO रामबाबू बैठा और SDPO सुबोध कुमार ने बताया कि मामले की जांच कराई जा रही है और मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराया जा रहा है।
इस बीच, राजापाकर थाना क्षेत्र और सदर अस्पताल के आसपास भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। जिला प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है।
ग्रामीणों का गुस्सा
ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने अत्यधिक बल प्रयोग किया और कई घरों में घुसकर लोगों को पीटा। कुछ ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर पुलिस या प्रशासन ने दुबारा गांव में कदम रखा तो वे उसका विरोध करेंगे।
प्रशासन की अपील
जिला प्रशासन का कहना है कि मौत के असली कारण का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही होगा। फिलहाल हालात पर पैनी नजर रखी जा रही है और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई का भरोसा दिया गया है।




